खूंटी में आपसी विवाद में निर्माणाधीन अबुआ आवास को तोड़ा  

खूंटी :खूंटी जिला अनतर्गत मारंगहादा थाना क्षेत्र के बिचागुटू गाँव में मंगल सिंह मुंडा, लोहर सिंह मुंडा, हिमांशु मुंडा, बिरला मुंडाईन बगैर ने गोलबंद होकर गैईथा, सावल, फावड़ा आदि से अबुआ आवास योजना के तहत जगदा नाग एवं लेम्बो कुमारी की निर्माणाधीन अबुआ आवास को तोड़ने की मामला प्रकाश में आया है। बताया गया कि जगदा नाग एवं लेम्बो कुमारी जिस भूमि पर सरकारी राशि से अबुआ आवास का निर्माण कर रहा था उक्त भूमि पर दोनों मालिकाना हक़ जता रहे हैं। लेकिन सरकारी आदेश के बिना किसी मकान को तोड़ना गैर कानूनी है। इस पर इंटरनेशनल हियूमन राईटस एसोसिएशन के लीगल एडवाइजर एडवोकेट कविता देवी के अनुसार सरकारी योजनाओं के तहत किसी भी निर्माणाधीन मकान को तोड़ने वाले लोगों के उपर तुरंत अपराधीक मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। पिड़ितों द्वारा इंटरनेशनल हियूमन राईटस एसोसिएशन के माध्यम से खूंटी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को आवेदन पत्र देकर न्याय की गुहार की गई है। लेकिन खूंटी जिला प्रशासन मौन है। उल्टा पिड़ितों को सरकारी नोटिस जारी कर अबुआ आवास निर्माण के लिए दिए गए अग्रिम राशि को तुरंत लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है। ज्ञात हो कि पिड़ित परिवार पढ़े लिखे नहीं है और विरोधी पक्ष शिक्षा, धनबल, बाहुबल के मामले में काफी मजबूत है। इस कारण से ग्राम सभा समिति भी पिड़ितों के पक्ष में खड़े नहीं होता है। पिड़िता  जगदा नाग एवं लेम्बो कुमारी ने जिला के अधिकारियों को प्रेषित शिकायत पत्र के माध्यम अपने वंशज के मंगल सिंह मुंडा, लोहर सिंह मुंडा, हिमांशु मुंडा, बिरोधी मुंडाईन पर आरोप लगायी है कि ये लोग गाँव के लोगों को चावल, बकरे, सुअर, शराब की पार्टी देकर हम लोगो के खिलाफ खड़ा करता है। विरोधी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए बोली की इन लोगो के इसारे पर ही वर्ष2019 में डायन बिसाही का आरोप लगा कर भरी सभा में मेरे परिवार के सभी सदस्यों को बुलाकर अमानवीय शारीरिक, मानसिक यातनाएं दिया गया था। यहाँ तक की मेरे ससुर का मृत शरीर को गाँव में दफनाने नहीं दिया जा रहा था। पिड़िता के पति सागर मुंडा ने बताया कि मेरे पूर्वजों के नाम से जो भूमि है उस भूमि को वंशावली के अनुसार दो भागों में बांटा जाना है। लेकिन मेरे चाचा मंगल सिंह मुंडा, लोहर सिंह मुंडा आदि तीन भागों में बांट कर मुझे एक भाग देना चाहते हैं। इन लोगों के डर से पांच साल से अपने बच्चों को खूंटी में लाकर रखे हुए हैं। हमारे परिवार के साथ कभी भी अप्रिय घटना घट सकता हैं।

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