विधानसभा की मानसून सत्र में राज्य मानवाधिकार आयोग एवं महिला आयोग की गठन के लिए मांग रखेंगे :बाबूलाल मरांडी
खूंटी: झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इंटरनेशनल हियूमन राईटस एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन देते हुए कहा कि एक अगस्त से पांच अगस्त तक चलने वाली विधानसभा की मानसून सत्र के दौरान झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग एवं महिला आयोग की जल्द से जल्द गठन करने के लिए सदन मांग रखेंगे। ज्ञात हो कि मार्च 2023 से राज्य मानवाधिकार आयोग भंग है । जिसके कारण 1114 मामले मानवाधिकार आयोग में लंबित है एवं वर्ष 2020 से महिला आयोग भंग है, वहाँ 5200 से अधिक मामले लंबित है। उक्त विषय पर इंटरनेशनल हियूमन राईटस एसोसिएशन झारखंड के राज्य महासचिव तपन कुमार घोष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल नेता प्रतिपक्ष को मांग पत्र सौप कर मानवाधिकार आयोग एवं महिला आयोग के गठन के लिए विधानसभा में आवाज उठाने का आग्रह किया है। आए दिन राज्य में दबंगों, भूमि माफिया, उग्रवादी द्वारा लोगों की मानवाधिकार का हनन की जा रही है, वही दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में डायन बिसाही का आरोप लगा कर एवं शहरी क्षेत्रों में घरेलू हिंसा के कारण महिलाओं की मौलिक अधिकारों की हनन हो रही हैं। पिड़ित परिवार आथिर्क अभाव के कारण न्यायालय की खर्चा वहन नहीं कर पाते हैं और वे न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं। वैसी परिस्तिथि में आयोग ही एक मात्र शुलभ साधन है। प्रतिनिधि मंडल में राज्य महासचिव तपन कुमार घोष, डॉ पीके विश्वास, शंकर शंभु राजेश, सुदामणी देवी, बिरसा लोहार, प्रभाकर मिश्रा, अंथोनि मार्शलन हंश, संजय नाग मुंडा, लीगल एडवाइजर एडवोकेट कविता देवी, आदि सामिल थे।



