जिउतिया मेला से लौट रही नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

गणादेश,रांची : झारखंड के लोहरदगा जिले से गुरुवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत जिउतिया मेला देखने गई एक नाबालिग किशोरी के साथ पांच युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़िता अपनी नानी के घर आई हुई थी। गुरुवार की रात वह जिउतिया मेला देखकर लौट रही थी। इसी दौरान पांच युवकों ने उसे जबरन सुनसान इलाके की ओर खींच लिया। किशोरी ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने भाइयों को फोन कर घटना की जानकारी दी। लेकिन कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और उससे संपर्क टूट गया।
जब पीड़िता का कोई अता-पता नहीं चला तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इलाके में छानबीन शुरू की। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार किशोरी एक आम बगीचे में निर्वस्त्र हालत में पाई गई। पीड़िता की हालत देखकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। पूछताछ और आशंका के आधार पर ग्रामीणों ने तीन युवकों को मौके से पकड़ लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, दो आरोपी भागने में सफल रहे।
शुक्रवार सुबह पुलिस ने तीनों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लगातार छेड़खानी और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्त और सतर्कता बिल्कुल नाकाफी है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब मेले जैसे सार्वजनिक आयोजन में भी सुरक्षा नहीं है, तो आम दिनों में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
इस घटना ने एक बार फिर से जिले में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस केवल घटना के बाद सक्रिय होती है, लेकिन अपराध रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

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