परीक्षा की पवित्रता और विद्यार्थियों के भविष्य पर सकलदीप भगत ने जताई चिंता
खूंटी : शिक्षक सकलदीप भगत ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों के बीच कहा कि परीक्षा की पवित्रता हर हाल में बनी रहनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई ऐसी हो कि न दोषी बचें और न निर्दोष पिसें।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में उनकी चिंता केवल परीक्षा रद्द होने या न होने तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर है। यदि परीक्षा में अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सकलदीप भगत ने कहा कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से दंडित करना न्यायसंगत नहीं होगा। विद्यार्थियों ने वर्षों तक मेहनत करने के साथ अपना समय और आर्थिक संसाधन लगाकर परीक्षा की तैयारी की है। ऐसे में किसी भी निर्णय में उनकी मेहनत और मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के साथ-साथ मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। “न दोषी बचे, न निर्दोष पिसे और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य न बिगड़े—निर्णय इसी संतुलन के साथ होना चाहिए।”


