बिन्दा बाजार टांड़ में झारखंड उलगुलान संघ की क्षेत्रीय बैठक, आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी
खूंटी: मुरहू प्रखंड अंतर्गत बिन्दा बाजार टांड़ में झारखंड उलगुलान संघ की क्षेत्रीय बैठक सुलेमान सोय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बिन्दा, रूमुतकेल एवं ईंदीपीड़ी पंचायत के विभिन्न गांवों से पहुंचे अगुवों और ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान आदिवासी अधिकार, पेसा नियमावली तथा सीएनटी और एसपीटी एक्ट से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने पेसा नियमावली 2025 और सीएजी द्वारा सीएनटी एक्ट एवं एसपीटी एक्ट के प्रबंधन मूल्यांकन पर रोक के विषय को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिले विशेष संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण से जुड़े मामलों में जनजातीय सलाहकार परिषद की अनदेखी को उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया। साथ ही राज्यपाल की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने ग्रामीणों से पारंपरिक ग्राम सभा की स्वायत्तता और आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। बोदरा ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के माध्यम से ग्राम सभाओं पर नियंत्रण थोपने के प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने सीएनटी और एसपीटी एक्ट के अनुपालन के मूल्यांकन पर रोक को आदिवासी एवं मूलवासी समाज की अस्मिता के लिए खतरा बताते हुए व्यापक आंदोलन की तैयारी की बात कही।
बैठक को सांसद प्रतिनिधि धर्मदास कंडीर, मसीहदास गुड़िया, जोन जुरसेन गुड़िया, बेनेदिक्त नवरंगी, अबिसालोम सोय एवं सागर सोय सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष पर जोर दिया।



