बिरसा मुंडा जेल मामले पर बढ़ा सियासी घमासान, कुशवाहा समाज ने बाबूलाल मरांडी से मांगा सबूत
रांची: रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के कथित यौन शोषण मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा कारा अधीक्षक पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ अब कुशवाहा समाज खुलकर सामने आ गया है।
सोमवार को चुटिया स्थित एक सामुदायिक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कुशवाहा समाज के प्रतिनिधियों ने बाबूलाल मरांडी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे समाज विशेष को बदनाम करने की साजिश बताया। समाज की ओर से विजय कुमार महतो ने कहा कि बाबूलाल मरांडी 24 घंटे के भीतर अपने आरोपों का प्रमाण सार्वजनिक करें, अन्यथा उन्हें मीडिया और जनता के सामने माफी मांगनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री अपने बयान के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं करते हैं तो राज्यभर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। महतो ने दावा किया कि मेडिकल जांच में महिला कैदी के गर्भवती होने की बात गलत साबित हो चुकी है, ऐसे में बिना तथ्यों के कारा अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाना दुर्भावनापूर्ण है।
कुशवाहा समाज ने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी लगातार समाज विशेष को निशाना बना रहे हैं। समाज के नेताओं ने कहा कि चुनावों में कुशवाहा समाज की भूमिका हमेशा निर्णायक रही है और यदि इसी तरह समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास जारी रहा तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।
प्रेसवार्ता में समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की।



