नई सोच, नया प्रशिक्षण: भागलपुर पुलिस के जवान अब ‘जिम्मेदारी की नई पाठशाला’ में
भागलपुर। भागलपुर की पुलिस लाइन इन दिनों किसी सामान्य ट्रेनिंग ग्राउंड की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसी विशेष सीख केंद्र की तरह दिख रही है, जहां पुलिस जवान सिर्फ हथियार चलाना या कानून की धाराएं याद करना नहीं सीख रहे बल्कि अपने कर्तव्य को एक नई दृष्टि से समझ रहे हैं।
नई सरकार के गठन के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में यह प्रशिक्षण मानो पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। लेकिन इस बार की ट्रेनिंग को अलग बनाता है इसका अनुशासन और संवेदनशीलता का अनोखा मिश्रण, जो जवानों को ‘तकनीकी दक्षता’ के साथ ‘मानवीय सोच’ की भी नई दिशा दे रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को सिर्फ नियम-कानून ही नहीं पढ़ाए जा रहे, बल्कि उन्हें यह भी शपथ दिलाई जा रही है कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्य निभाएंगे, किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव से दूर रहेंगे, जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि मानेंगे।
ट्रेनिंग में जवानों को ऐसे अनेक विषयों की जानकारी दी जा रही है, जो आधुनिक पुलिसिंग के लिए आवश्यक हैं – तनावपूर्ण भीड़ को बिना बल प्रयोग शांत करने के तरीके, आपातकालीन हालात में त्वरित और समझदारीपूर्ण प्रतिक्रिया,.महिला सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रोटोकॉल,साइबर अपराध की बदलती तकनीक,संवेदनशील मामलों का मानवीय प्रबंधन साथ ही, जनता के साथ संवाद और व्यवहार को भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाया गया है, ताकि पुलिस और जनता के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी बन सके।
ट्रेनर्स ने जवानों को यह भी शपथ दिलाई कि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे और हर कार्रवाई संविधान की मर्यादाओं में रहकर करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, नई सरकार का स्पष्ट संकेत है कि कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता स्वीकार नहीं।
भागलपुर जैसे संवेदनशील जिले में यह प्रशिक्षण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस ‘विशेष पाठशाला’ से निकला हर जवान किसी भी आकस्मिक स्थिति में ज्यादा सजग, ज्यादा सक्षम और ज्यादा संवेदनशील होकर प्रतिक्रिया देगा।



