पेयजल की समस्या को लेकर सांसद कालीचरण मुंडा ने कार्यपालक अभियंता को दिए निर्देश
खूंटी: खूंटी लोकसभा के सांसद कालीचरण मुंडा ने सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, खूंटी के कार्यपालक अभियंता को बुलाकर जिले में पेयजल की स्थिति एवं विभिन्न क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं की समीक्षा की।

सांसद श्री कालीचरण मुंडा ने बरसात के मौसम को देखते हुए अधिकारियों को सात महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी चापाकलों एवं नल-जल योजनाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए नदी, चुआं एवं डाड़ी के पानी पर निर्भर न रहना पड़े। बरसात के मौसम में दूषित पानी के कारण टाइफाइड, डायरिया सहित कई जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे पंचायतों एवं गांवों को चिन्हित किया जाए, जहां चापाकल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तथा वहां प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द नए चापाकल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सांसद ने क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत, नल-जल योजनाओं को सुचारू करने, पेयजल संकट वाले गांवों की नियमित निगरानी तथा ग्रामीणों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि खूंटी जिले के किसी भी गांव में पेयजल को लेकर लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारी क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
सांसद श्री मुंडा ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता एवं तत्परता से कार्य करना होगा।


