एक साल से उत्पात मचा रहा लंगूर,युवक की मौत, दर्जनों घायल

प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। जिले के पीरपैंती प्रखंड की परशुरामपुर पंचायत के अठनिया गांव में एक आक्रामक लंगूर ने पिछले एक साल से आतंक मचा रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, अपने बच्चे की मौत के बाद से लंगूर बेहद हिंसक हो गया है और राहगीरों पर अचानक हमला कर देता है। अब तक उसके हमलों में एक युवक की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

ताजा घटना में मंगलवार देर रात लंगूर ने गांव के ही अमन कुमार यादव (27 वर्ष), पिता यमुना यादव, को काट लिया। परिजनों ने बताया कि अमन बहियार से ट्रैक्टर लेकर लौट रहा था, तभी रास्ते में लंगूर ने उस पर हमला कर दिया। उसे पहले रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बता दें कि अमन की शादी इसी वर्ष 6 जून को हुई थी।

दर्जनों लोगों को कर चुका है घायल :
ग्रामीणों ने बताया कि लंगूर अब तक जितेंद्र यादव, शोभाकांत यादव, भूषण कुमार यादव, राजन कुमार मंडल, मनीष कुमार यादव, मनु यादव, विजय यादव, विजय मंडल समेत 20 से 25 लोगों को काट चुका है। अधिकतर हमले ट्रैक्टर, बाइक और सवारी गाड़ियों पर सवार लोगों पर हुए हैं।

वाहन से बच्चे की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश :
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पूर्व एक वाहन की टक्कर से लंगूर के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही वह हमलावर हो गया है और लगातार ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग शाम होते ही घरों में सिमट जाते हैं।

वन विभाग अब तक असफल :
ग्राम मुखिया पवन यादव ने बुधवार सुबह एसडीपीओ अर्जुन गुप्ता, बीडीओ अभिमन्यु कुमार और थानाध्यक्ष नीरज कुमार को मामले की जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की एक टीम गांव पहुंची, लेकिन लंगूर को पकड़ने में नाकाम रही। ग्रामीणों ने वन विभाग की उदासीनता पर नाराज़गी जताई है और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

लंगूर के काटने पर क्या करें? विशेषज्ञों की सलाह :
जानकार डॉक्टरों के अनुसार, लंगूर के काटने से रेबीज और टेटनस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इस स्थिति में ये उपाय करें:

घाव को बहते पानी और साबुन से 15–20 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
घाव पर बेटाडीन या कोई एंटीसेप्टिक लोशन लगाएं।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और रेबीज-टेटनस के टीके लगवाएं।
घाव की गंभीरता के आधार पर 3 से 5 इंजेक्शन तक की जरूरत हो सकती है।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा या इलाज न करें। लंगूर के काटने के बाद लापरवाही न बरतें, यह जानलेवा साबित हो सकता है।

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