पलामू में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़,पांच लाख का ईनामी मुखदेव यादव ढेर
रांची: झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ के कांबिंग ऑपरेशन में रविवार को अहले सुबह नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ मनातू जंगल में हुई है। इसमें पांच लाख का ईनामी नक्सली मुखदेव यादव मारा गया है। मारा गया नक्सली टीपीसी संगठन से जुड़ा हुआ था और पलामू क्षेत्र में आतंक मचाए हुए था। नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में मृतक नक्सली खिलाफ कई बार पुलिस को गुप्त सूचना मिलती थी लेकिन हर बार यह पुलिस को चकमा देकर भाग जाता था। लेकिन इस बार पुलिस ने इस मारा गिराया है। इसपर राज्य सरकार ने पांच लाख का इनाम भी घोषित किया था।
जानकारी के मुताबिक रविवार को सुरक्षाबलों ने 10 लाख के इनामी कमांडर शशिकांत को निशाना बनाकर एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया था।इस अभियान में कोबरा, झारखंड जगुआर, और अन्य सुरक्षा बल के जवानों को शामिल गया। पुलिस की टीम मनातू के जंगलों में कांबिंग ऑपरेशन कर रही थी, तभी टीपीसी के उग्रवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी।सुरक्षाबलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की।
गौरतलब है कि तीन सितंबर को पलामू में मुठभेड़ की घटना में दो पुलिस जवान शहीद हो गए थे। मुठभेड़ की उस घटना में टीपीसी के दस्ते के साथ मुखदेव भी शामिल था। हालांकि बाद में टीपीसी ने एक प्रेस बयान जारी कर मुठभे़ड़ की उस घटना को गलत बताया था।
मृतक नक्सली मुखदेव यादव के साथ ओर भी कई नक्सली उस क्षेत्र में सक्रिय है। पुलिस उन लोगों का भी पता लगाने में जुट गई है।पलामू के मनातू, तरहसी और चतरा के सीमावर्ती इलाकों को टीपीसी ने अपना गढ़ बना रखा है। शशिकांत के दस्ते में 8 से 10 सदस्य शामिल हैं, जिनमें इनामी नक्सली मुखदेव यादव और नगीना भी शामिल था ।
मुखदेव यादव के मारे जाने के बाद पलामू क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।



