निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब ज्ञानेश कुमार को देना होगा : प्रदीप यादव
रांची : निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। इसमें किसी भी तरह की मनमानी, अपारदर्शिता या पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों से बातचीत कर आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा की है।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि निर्वाचन आयोग की संस्थागत जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब जनता को मिलना चाहिए। रांची में निर्वाचन आयोग के कार्यालय के समक्ष घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने की भी घोषणा की गई है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया का असर वंचित और कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को लेकर कांग्रेस गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने नए मतदाताओं के लिए फार्म-6 की प्रक्रिया को जटिल किए जाने का भी आरोप लगाया।
प्रदीप यादव ने कहा कि एसआईआर के दौरान मैट्रिक प्रमाणपत्र मांगे जाने और जैक से उसके सत्यापन की बात सामने आना भी गंभीर विषय है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की।
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के सह-प्रभारी भूपेंद्र मुरावी, महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, प्रवक्ता सोनाल शांति और कार्यालय प्रभारी राजन वर्मा मौजूद थे।


