स्वास्थ्य विभाग का हर परिवार मेरा अपना परिवार है: डॉ. इरफान अंसारी
रांची :झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं छात्र उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि “डॉ. इरफान अंसारी के रहते स्वास्थ्य विभाग के किसी भी कर्मचारी, छात्र या स्वास्थ्यकर्मी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में केवल मेरी नहीं, बल्कि आप सभी की समान भूमिका है। आपके मान-सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी मेरी है।”मंत्री ने कहा, “मैं पहले एक चिकित्सक हूं, बाद में मंत्री। इसलिए छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों की पीड़ा को भली-भांति समझता हूं। जब भी किसी छात्र या कर्मचारी को परेशानी में देखता हूं, मुझे स्वयं कष्ट होता है।”मंत्री के आगमन के दौरान झारखंड पैरामेडिकल स्टाफ्स एसोसिएशन एवं पैरामेडिकल छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर धरना दे रहे थे। इसे देखते ही डॉ. इरफान अंसारी स्वयं उनके बीच पहुंचे और कहा कि “डॉक्टर, इंजीनियर, पैरामेडिकल छात्र और स्वास्थ्यकर्मी सड़क पर नहीं, बल्कि मेरे कार्यालय के अंदर बैठकर अपनी बात रखें। बरसात में आप लोगों का बाहर खड़ा रहना मुझे उचित नहीं लगता।”इसके बाद उन्होंने सभी छात्रों एवं प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय बुलाया, उनका सम्मान किया, नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था कराई तथा धैर्यपूर्वक उनकी सभी मांगों और समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी जायज़ मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।इस दौरान झारखंड पैरामेडिकल स्टाफ्स एसोसिएशन द्वारा एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर के लगभग 140 नए पैरामेडिकल प्रशिक्षु छात्रों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने संबंधी ज्ञापन भी सौंपा गया।ज्ञापन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर छात्रावास व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत प्रतिवेदन (Action Taken Report) प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक से दूरभाष पर वार्ता कर निर्देश दिया कि पैरामेडिकल छात्रों की मांगों पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र विभाग को भेजा जाए, ताकि आवश्यक निर्णय लेकर छात्रों को न्याय दिलाया जा सके।इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री अजय कुमार सिंह को भी निर्देश दिया कि पैरामेडिकल छात्रों की मांगों पर शीघ्र बैठक आयोजित कर व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान निकाला जाए।डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षु छात्रों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “पैरामेडिकल छात्र स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके प्रशिक्षण, छात्रावास और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।”
इस अवसर पर पैरामेडिकल स्टाफ एवं छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “हमने आपके बारे में बहुत कुछ सुना था, लेकिन आज आपसे मिलकर महसूस हुआ कि आप वास्तव में संवेदनशील और मानवीय सोच वाले मंत्री हैं। आपने हमारी समस्याओं को गंभीरता से सुना, सम्मान दिया और समाधान का भरोसा दिलाया। इससे हमारा मनोबल काफी बढ़ा है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारी समस्याओं का समाधान अवश्य होगा।”
छात्रों ने कहा कि “झारखंड को पहली बार ऐसा स्वास्थ्य मंत्री मिला है जो बिना किसी अहंकार के दिन-रात गरीबों की सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटे हैं। हम सभी उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और उनसे प्रेरणा लेकर समाज एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करना चाहते हैं।”


