नशा के धंधेबाज का आंतक, पूर्व पार्षद के बेटे पर जानलेवा हमला, सदमे से बड़े भाई की हार्ट अटैक से मौत
भागलपुर। शहर में नशे के सौदागरों की खौफनाक हिमाकत खूनी हो चुकी है। नए साल के जश्न की एक रात शहर के एक परिवार के लिए कभी न भूल पाने वाला दर्द छोड़ गई। जंगली जंक्शन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद कुछ ही दिनों में खूनी टकराव में बदल गया। भागलपुर स्थित वार्ड 45 के पूर्व पार्षद सदानंद चौरसिया के 19 वर्षीय बेटे साहिल चौरसिया पर गुरुवार शाम चाकू और डंडे से जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल साहिल का मायागंज अस्पताल में इलाज चल रहा है।
परिजनों के अनुसार, बुधवार रात जंगली जंक्शन स्थित कार्यक्रम में साहिल अपने परिजनों के साथ नए साल का जश्न मना रहा था। इसी दौरान जरलाही इलाके के कुछ युवकों ने घर की महिलाओं और युवतियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी शुरू कर दी। विरोध करने पर साहिल और उसके चाचा के बेटे के साथ विजय उर्फ दशरथ और नितेश नामक युवकों ने मारपीट कर दी।
सूचना मिलते ही सदानंद चौरसिया भी मौके पर पहुंचे। तब तक पुलिस पहुंच चुकी थी और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया। सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन यह शांति ज्यादा देर टिक नहीं सकी।गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे साहिल अपने भाई गोलू के साथ सिकंदरपुर पानी टंकी के पास स्थित बाबा गिफ्ट कॉर्नर पर बैठा था। तभी चार-पांच युवक हाथों में चाकू, धारदार हथियार और डंडे लेकर वहां पहुंचे।हमलावरों ने साहिल को दुकान से खींचकर बाहर निकाला, सिर पर डंडे से हमला किया और पेट में चाकू घोंप दिया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जुटे, तो हमलावर फरार हो गए।मोजाहिदपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल साहिल को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। इस वारदात ने परिवार को दोहरा झटका दिया। साहिल पर हमले की सूचना मिलते ही उसके बड़े पापा, जो पहले से हृदय रोग से पीड़ित थे, को गहरा सदमा लगा और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे।पूर्व पार्षद सदानंद चौरसिया ने हमलावरों को नशा कारोबार से जुड़े अपराधी बताया। उन्होंने कहा कि ये युवक अक्सर नशे की हालत में लोगों से उलझते रहते हैं। सदानंद ने यह भी याद दिलाया कि मार्च 2025 में नशा कारोबारियों ने उन पर भी गोली चलाई थी, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे। उस समय पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी कुछ समय के लिए शहर से फरार हो गया था और बाद में गिरफ्तार किया गया।पुलिस इस घटना को आपसी विवाद और पुराने रंजिश के एंगल से जांच रही है। सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया, ‘यह आपसी विवाद में हुई मारपीट की घटना है। मोजाहिदपुर इंस्पेक्टर को निर्देश दिया गया है कि हमलावरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।’नए साल के जश्न से शुरू हुआ यह मामला अब शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर युवक जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, दूसरी ओर एक परिवार अपने बुजुर्ग को खो चुका है। शहरवासियों की नजर अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि क्या दोषियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



