जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला-सह-किसान गोष्ठी का आयोजन, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसलों पर हुई चर्चा

खूँटी : संयुक्त कृषि भवन के सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला-सह-किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ मौसम में कम वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक फसल एवं वैकल्पिक फसल के क्रियान्वयन को लेकर किसानों को जागरूक करना था।

कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभिन्न विभागों के वक्ताओं द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

पशुपालन विभाग द्वारा चारा की उपलब्धता एवं पशुओं के टीकाकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। वहीं मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालन से होने वाले लाभ, प्रशिक्षण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।

भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। उद्यान विभाग द्वारा कंद फसलों जैसे हल्दी, अदरक एवं ओल की वैज्ञानिक खेती तथा विभागीय योजनाओं के संबंध में किसानों को अवगत कराया गया।ㅤ

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा मिट्टी जांच के महत्व एवं उसके लाभों पर विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं आत्मा के परियोजना निदेशक द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को प्रदान की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला परिषद, खूँटी के अध्यक्ष श्री मसीह गुड़िया ने वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारियों को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए किसानों से इसे अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, उद्यान विभाग के प्रतिनिधि, परियोजना निदेशक (आत्मा), उप परियोजना निदेशक (आत्मा), कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, अन्य वैज्ञानिक, एफपीओ के अध्यक्ष, सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, बीटीएम, एटीएम, कृषक मित्र एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *