खूंटी सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर की कमी से मरीज परेशान: दिलीप मिश्रा

खूंटी: झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ राजनीतिक नेता दिलीप मिश्रा ने खूंटी सदर अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया (बेहोशी) विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की धरती खूंटी जैसे महत्वपूर्ण जिले के सदर अस्पताल में वर्षों से एनेस्थीसिया डॉक्टर का पद खाली है, जिससे सर्जरी से जुड़ी चिकित्सा सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
मिश्रा ने बताया कि जिले के दूरदराज़ इलाकों से आने वाले मरीजों को ऑपरेशन के समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चाहे मामला हड्डी, सामान्य सर्जरी या प्रसव (डिलीवरी) का हो, सभी ऑपरेशनों में एनेस्थीसिया डॉक्टर की आवश्यकता होती है। डॉक्टर की अनुपस्थिति में गंभीर रूप से घायल या आपातकालीन मरीजों का ऑपरेशन समय पर नहीं हो पाता, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में अक्सर मरीजों की सर्जरी तब तक टाली जाती है, जब तक कि बाहर से बुलाए गए एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध न हों। कई बार 2–3 मरीजों को एक साथ ऑपरेशन के लिए रोका जाता है और डॉक्टर की सुविधा के अनुसार ही तारीख तय की जाती है, न कि मरीज की स्थिति को देखते हुए।
दिलीप मिश्रा ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को पत्र प्रेषित कर तत्काल खूंटी सदर अस्पताल में स्थायी एनेस्थीसिया डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला जनहित और मरीजों के जीवन से जुड़ा है। सरकार को जल्द से जल्द एनेस्थीसिया डॉक्टर की पोस्टिंग करनी चाहिए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करेगा, जिससे खूंटी के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

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