पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत संवाद कार्यक्रम एवं समीक्षा बैठक का आयोजन
खूंटी: जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, खूंटी द्वारा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के सभागार में प्रखंड विकास पदाधिकारी, मुखिया, पंचायत सचिव एवं जल सहिया के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रधान सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड मस्त राम मीणा एवं अभियान निदेशक, जल जीवन मिशन, झारखंड रमेश घोलप मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उपायुक्त आर. रॉनिटा एवं उप विकास आयुक्त आलोक कुमार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। तत्पश्चात संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं अन्य के प्रति आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी एवं जल जीवन मिशन के सफल संचालन के लिए पंचायत स्तर पर सभी हितधारकों की सहभागिता पर बल दिया।
कार्यक्रम में प्रधान सचिव मस्त राम मीणा ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आवश्यकता एवं वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहले के समय में हमें हर स्रोत से शुद्ध जल प्राप्त होता था, लेकिन रासायनिक उर्वरकों एवं हाइब्रिड बीजों के उपयोग के कारण जल स्रोत प्रभावित हुए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जल संरक्षण, योजना के सतत रख-रखाव एवं सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए ग्राम स्तर पर समिति गठन, लोगों को जागरूक करने एवं प्रतिदिन ₹1 मामूली शुल्क के संग्रह की व्यवस्था की सलाह दी, ताकि योजना को स्थायित्व प्रदान किया जा सके।
अभियान निदेशक ने योजना के क्रियान्वयन में आने वाले चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दिया। इससे जुड़े प्रमुख बातें कही। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के आलोक में खूँटी जिले में 62 प्रतिशत योजना पूर्ण हो गए है और लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति किया जा रहा है। जल्द शेष योजना पूर्ण होंगे जिसका लाभ आमजनों को मिलेगा। योजना के मेंटेनेंस, रख रखाव, क्रियान्वयन को लेकर मुखिया, पंचायत सचिव, जल सहिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका को विस्तार से बताया। जल समिति का गठन एवं लोगों को जागरूक करने को लेकर भी निर्देशित किया गया।
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं जल सहिया द्वारा जल जीवन मिशन के तहत अपने क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े लोगों को प्रेरित करने वाले अनुभव साझा किए गए।
कार्यक्रम उपरांत समाहरणालय स्थित सभागार में प्रधान सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वैसे प्रखंड जिनमें योजना का कार्य लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो रहा है, वहां के जूनियर इंजीनियर एवं संबंधित पदाधिकारियों से रिपोर्ट लेते हुए उन्हें गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने एवं समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए गए।
प्रधान सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो संवेदक समय पर कार्य पूर्ण नहीं कर रहे हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। वहीं उत्तरदायित्व में लापरवाही बरतने वाले जेई को भी सख्त चेतावनी दी गई।
अभियान निदेशक ने एफएचटीसी, वीडब्ल्यूएससी, जल सहिया द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण, जियो टैगिंग, छूटे हुए घरों को योजना से जोड़ने, एवं विलेज वाटर एवं सेनिटेशन कमिटी के गठन जैसे बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में टैप वाटर सप्लाई की व्यवस्था की जाए, जहां नहीं है वहां तत्काल सुधार किया जाए। एसवीएस एवं आरएमएस की मैपिंग, पीएम गतिशक्ति योजना, तथा ग्रीवांस रिड्रेसल से जुड़ी शिकायतों का शीघ्र समाधान करने को भी कहा गया।
इस कार्यक्रम एवं बैठक में मुख्य अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड, कार्यपालक अभियंता, सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जेई एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



