मुख्यमंत्री ने मुसहर जाति की बुनियादी समस्याओं के निराकारण का दिया भरोसा
अनूप कुमार सिंह,पटना।बिहार के सीएम सम्राट चैधरी को ‘माता शबरी संघर्ष समिति‘ के बैनर तले आरा में दिया गया महाधरना से संबंधित 9 सूत्री मांग-पत्र “पद्म श्री” डाॅ. भीम सिंह भवेश के नेतृत्व में दिया गया। श्री चैधरी ने संबंधित मांगो को लेकर राज्य स्तर पर निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।गौरतलब हो कि मुसहर जाति अनुसूचित जाति के अंतर्गत सर्वाधिक अशिक्षित, गरीब व सामाजिक एवं आर्थिक रूप से हाशिए पर है। इस जाति के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।बिहार में 42 लाख से अधिक आबादी के बावजूद मात्र 98 हजार लोग मैट्रिक पास हैं। इस जाति के 98 प्रतिशत परिवारों के पास शौचालय व रसोई गैस नहीं है। राज्य में 3 प्रतिशत से अधिक आबादी के बावजूद सिर्फ निम्न वर्गीय सेवाओं में मात्र 0.75 हिस्सेदारी है। 80 प्रतिशत से अधिक परिवारों के आवास जीर्णशीर्ण व अपूर्ण हैं। 06 से 14 आयु वर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे ड्राॅप आउट के शिकार हैं। इन मांगों में मुसहर जाति को विशेष श्रेणी का दर्जा, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का आंकलन के लिए ‘मुसहर जाति आयोग‘ का गठन, मुसहर जाति की शिक्षा व रोजगार के लिए विशेष अभियान, जन्म प्रमाण-पत्र हेतु विशेष निर्देश, आधार, राशन, आयुष्मान एवं लेबर कार्ड की व्यवस्था, सभी मुसहर बस्तियों में पेयजल, शौचालय, सामुदायिक भवन एवं पहुंच पथ की व्यवस्था, आवास विहीन परिवारों को आवासीय भूमि या अपार्टमेंट निर्माण कर आवासीय सुविधा, मुसहर टोलों के जर्जर एवं अपूर्ण आवासों का जीर्णाेंद्धारा एवं पूर्णता,मुसहर जाति के सभी परिवारों का उज्जवला योजना से आच्छादन, राज्य एवं केन्द्र में मुसहर जाति के युवकों को चतुर्थ वर्गीय सेवा में प्राथमिकता मांगे शामिल थीं।इस अवसर पर डाॅ. भवेश द्वारा मुख्यमंत्री को अपनी दो पुस्तकें ‘‘सान्निध्य का संस्मरण‘‘ और ‘‘हाशिए पर हसरत‘‘ भी भेंट किया। शिष्टमंडल में माता शबरी संघर्ष समिति के धरमु राम, लाल बिहारी राम, भरत कुमार, जय किशुन राम एवं विकास कुमार शामिल थे।



