श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर हुआ शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय, भाजपा ने जताया विरोध
रांची: राजधानी रांची स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय कर दिया गया है। गुरुवार को झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा के बैनर तले विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर नए नाम का बोर्ड लगाया गया। इस दौरान छात्र नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे झारखंड की अस्मिता और गौरव से जुड़ा फैसला बताया।
छात्र नेता संजय महली ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का झारखंड से कोई विशेष जुड़ाव नहीं था। इसके बावजूद पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार ने विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने आदिवासी-मूलवासी समाज की भावनाओं की अनदेखी की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2025 में कैबिनेट से नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। उसी निर्णय के तहत अब विश्वविद्यालय का नाम वीर बुधु भगत के नाम पर किया गया है।
कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने भी इस फैसले का समर्थन किया। वहीं, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि वीर बुधु भगत के नाम पर विश्वविद्यालय का नामकरण झारखंडी अस्मिता का सम्मान है। इससे आदिवासी-मूलवासी समाज में खुशी है।दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने नाम बदलने के फैसले की निंदा की। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय का नाम बदलना उनका अपमान है। उन्होंने बंधु तिर्की पर निशाना साधते हुए उनकी टिप्पणी की और कहा कि भाजपा इस तरह के कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगी।



