एसआईआर में 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम पर संशय, प्रदीप यादव ने भाजपा पर लगाया वोट चोरी की साजिश का आरोप
रांची: कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के बाद अब मताधिकार पर हमला कर रही है।
प्रदीप यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में झारखंड में मतदाताओं की कुल संख्या 2.64 करोड़ थी। इनमें करीब 44 लाख मतदाताओं को एएसडीडी श्रेणी में रखा गया है, जबकि लगभग 63 लाख मतदाताओं को लॉजिकल एनॉमली, नो मैपिंग और अन्य श्रेणियों में शामिल किया गया है। इस तरह करीब 1.07 करोड़ मतदाताओं के सामने मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने को लेकर संशय की स्थिति है।
यादव ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि गोड्डा मुफस्सिल और सरैयाहाट थाने में भाजपा नेताओं के खिलाफ गलत तरीके से फॉर्म-7 जमा करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने ऐसे 19 मतदाताओं के नामों का भी उल्लेख किया, जिन्हें एएसडीडी श्रेणी में रखा गया है।
उन्होंने मांग की कि निर्वाचन तंत्र की लापरवाही से एएसडीडी सूची में शामिल किए गए पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक निबंधन नियमावली, 1960 के नियम 21 के तहत बिना फॉर्म-6 भरवाए दोबारा मतदाता सूची में दर्ज किए जाएं। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें लोकतंत्र पर विश्वास है तो वे राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करें।संवाददाता सम्मेलन में शहजादा अनवर, राकेश सिन्हा, लाल किशोरनाथ शाहदेव, डॉ. एम. तौसीफ और अख्तर अली उपस्थित थे।



