विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर उप-कारागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

खूंटी : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार रसिकेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी द्वारा सदर अस्पताल, खूंटी के प्रशासन के सक्रिय सहयोग से उप-कारागार, खूंटी में बंदियों हेतु एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कमलेश बेहरा की उपस्थिति में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, खूंटी की सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री पूनम एक्का, सदर अस्पताल, खूंटी के फिजियोथेरेपिस्ट वीर सिंह पूर्ति, विधिक सहायता बचाव परामर्शी सहायक अमरदीप कुमार, पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV)  अजय मिश्रा तथा उप-कारागार, खूंटी की चिकित्सा टीम ने भाग लिया।

सुश्री पूनम एक्का ने बंदियों को तंबाकू के विभिन्न स्वरूपों में सेवन की कुप्रवृत्तियों एवं उससे होने वाले दीर्घकालिक स्वास्थ्य-संबंधी दुष्प्रभावों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित नशा-मुक्ति केंद्र के संबंध में भी बताया तथा बंदियों से अपील की कि वे स्वयं को इन पदार्थों से दूर रखें एवं इस जानकारी का प्रचार-प्रसार अन्य लोगों के बीच भी करें। श्री वीर सिंह पूर्ति ने नशा-मुक्ति की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार कमलेश बेहरा ने तंबाकू उत्पादों के सेवन के विरुद्ध संवैधानिक प्रावधानों एवं विभिन्न विधियों का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 47 की चर्चा करते हुए बताया कि यह अनुच्छेद राज्य पर पोषण स्तर बढ़ाने, लोक स्वास्थ्य में सुधार करने तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन के निषेध का दायित्व अधिरोपित करता है। उन्होंने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा) के दंडात्मक प्रावधानों, किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 77 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रासंगिक प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि “तंबाकू-मुक्त झारखंड” की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार समाज के सभी वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं जागरूकता प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है।

विधिक सहायता बचाव परामर्शी सहायक अमरदीप कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम, 2019 पर प्रकाश डाला। उन्होंने बंदियों को अवगत कराया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा इसके दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श के क्षेत्र, प्राधिकार की संरचना एवं कार्य-प्रणाली तथा बंदियों के विधिक प्रतिनिधित्व के अधिकार के संबंध में सभी बंदियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बंदियों एवं पदाधिकारियों को “तंबाकू निषेध शपथ” दिलाई गई, जिसमें सभी ने तंबाकू एवं तंबाकू-जनित उत्पादों का सेवन न करने तथा अपने परिवार एवं समाज में इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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