राजद के बाद माले ने भी कांग्रेस प्रभारी के राजू पर लगाए गंभीर आरोप
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद महागठबंधन के भीतर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस ने राजद और भाकपा (माले) पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं माले ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस प्रभारी के राजू पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुक्रवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माले नेताओं गीता मंडल और हलधर महतो ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्हें पार्टी की ओर से अधिकृत पोलिंग एजेंट बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि माले के दोनों विधायक अरूप चटर्जी और चंद्रदेव महतो ने मतदान के बाद उन्हें अपना मतपत्र दिखाया था, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया गया था। ऐसे में माले पर क्रॉस वोटिंग का आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
माले नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि उनके विधायकों ने कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया था, तो कांग्रेस किस आधार पर माले को कटघरे में खड़ा कर रही है। उनका कहना है कि हार के बाद कांग्रेस बिना किसी ठोस प्रमाण के सहयोगी दलों पर आरोप लगा रही है।
माले ने इस दौरान कांग्रेस के राजनीतिक आचरण पर भी सवाल उठाए। नेताओं ने वर्ष 2022 के उस मामले का उल्लेख किया, जब कांग्रेस के तीन विधायक भारी नकदी के साथ पकड़े गए थे। माले का आरोप है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की गतिविधियां पहले भी गठबंधन के लिए असहज स्थिति पैदा करती रही हैं। पार्टी ने कांग्रेस पर कॉरपोरेट हितों के करीब होने का भी आरोप लगाया।
राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुई यह बयानबाजी महागठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान को उजागर कर रही है। अब यह देखना होगा कि गठबंधन के घटक दल इस विवाद को सुलझाते हैं या यह राजनीतिक टकराव आगे और बढ़ता है।



