आदिवासी हुंकार महारैली में हंगामा, नेत्री निशा भगत को मंच से उतारा गया, जताया विरोध

गणादेश,रांची : राजधानी रांची में आयोजित आदिवासी हुंकार महारैली में शुक्रवार की शाम उस समय विवादों में घिर गई, जब आदिवासी समाज की उभरती नेत्री निशा भगत को मंच से जबरन नीचे उतार दिया गया। बताया जा रहा है कि सभा के समापन के दौरान निशा भगत मंच पर पहुंचीं और आयोजक देव कुमार धान से किसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस करने लगीं। बहस बढ़ने पर मंचासीन नेताओं ने उन्हें धक्का देकर मंच से नीचे उतार दिया। इस दौरान माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
मंच से उतारे जाने के बाद निशा भगत ने नाराजगी जाहिर करते हुए आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह रैली आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान की आवाज उठाने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन मंच पर राजनीति और स्वार्थ की बातें की जा रही हैं। निशा भगत ने मंच पर मौजूद नेताओं को “राजनीतिक दलाल” करार देते हुए कहा कि वे आदिवासियों के नाम पर सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि घाटशीला उप चुनाव में आदिवासियों को गुमराह किया जा रहा है। ये लोग दलबदलू हैं।
उनका कहना था कि इस आंदोलन का मकसद किसी पार्टी की राजनीति नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकजुटता और हक की लड़ाई होनी चाहिए। घटना के बाद निशा भगत के समर्थकों ने भी नारेबाजी कर विरोध जताया। हालांकि, पुलिस और आयोजकों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
इस घटना ने आदिवासी समाज के भीतर चल रहे मतभेदों और नेतृत्व संघर्ष को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जिससे रैली का मकसद कहीं न कहीं पीछे छूट गया।

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