राहुल गांधी पर आदित्य साहू का हमला, बोले— छात्रों की मांग पूरी कराएं या हेमंत सरकार से समर्थन वापस लें
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बुधवार को संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड एनडीए के सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने कांग्रेस और राहुल गांधी से झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर कथित पुलिसिया कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर बार-बार लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से चल रही हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हेमंत सरकार से स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि छात्रों की जायज मांगें पूरी की जाएं, अन्यथा कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस ले।
साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग पिछले सात वर्षों में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उनके मुताबिक छात्राओं, मीडिया कर्मियों और आंदोलनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने मंगलवार देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरना स्थल पर प्रशासन की कार्रवाई का भी विरोध किया। साहू ने कहा कि आधी रात को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर आंदोलन स्थल की बिजली काटना और छात्रों को हटाने का प्रयास शर्मनाक है। भाजपा नेताओं के पहुंचने के बाद प्रशासन के पीछे हटने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दमन के जरिए आंदोलन को खत्म करना चाहती है।
आदित्य साहू ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती हुई तो भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी और दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने राहुल गांधी से जवाब मांगते हुए नारे लगाए। प्रदर्शन में निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत ओडिशा के सांसद भी मौजूद रहे।


