झारखंड के औद्योगिक भविष्य, संसाधन नीति और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर सार्थक संवाद, वित्त आयोग के साथ झारखंड के मुद्दों पर बैठक सुनिश्चित करेंगे: सुरेश प्रभु
रांची: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ द्वारा चैम्बर भवन में आयोजित विशेष सत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड की आर्थिक दिशा, प्राकृतिक संसाधनों और विकास नीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। सत्र का संचालन पूजा ढाढा ने किया।
अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि पूर्वी भारत के विकास का समय अब है। पारदर्शी नीतियों, उद्योग–सरकार समन्वय और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण से झारखंड आने वाले समय में देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों से झारखंड को ईस्टर्न ग्रोथ कॉरिडोर के तहत प्राथमिकता देने की अपील की।
अर्थशास्त्री अयोध्या नाथ मिश्र ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद झारखंड में अवसर अधिक हैं। औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग से राज्य की विकास गति तेज हो सकती है।
पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने खनिज आधारित अर्थव्यवस्था में वैल्यू एडिशन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य को राष्ट्रीय वृद्धि दर के अनुरूप आगे बढ़ना होगा।
मुख्य अतिथि सुरेश प्रभु ने कहा कि झारखंड अपार संसाधनों वाला राज्य है और खनिजों पर प्रीमियम रॉयल्टी उसका अधिकार है। उन्होंने रेर अर्थ खनिजों व वन संपदा के संतुलित उपयोग पर भी बल दिया तथा वित्त आयोग के साथ बैठक आयोजित कराने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन महासचिव रोहित अग्रवाल ने किया।



