सावन पूर्णिमा पर आम्रेश्वर धाम में पूजा- पाठ के साथ-साथ आकर्षक मेला
खूंटी: सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर खूंटी जिले के प्रसिद्ध बाबा आम्रेश्वर धाम, अंगराबारी में शुक्रवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सावन पूर्णिमा के साथ ही करीब एक माह से चल रहे श्रावणी मेले का समापन भी हो गया। धाम में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
सावन पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु सुबह से ही बाबा आम्रेश्वर का दर्शन कर जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालु बनई नदी सहित आसपास के जलस्रोतों से पवित्र जल लेकर बाबा को अर्पित किया ।मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण रहा और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल बम’ के जयघोष से धाम गूंजता रहा। पावन पूर्णिमा के अवसर पर धाम में 48 घंटे का अखंड कीर्तन आयोजित किया गया , जिसमें आचार्य, पंडित, यजमान और स्थानीय कीर्तन मंडलियों ने भाग लिया। प्रशासन की मुस्तैदी और व्यवस्था संचालन पूरे दिन रही।आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष लाल ज्ञानेंद्र नाथ शाहदेव ने भोलेनाथ की पूजा,मेलें की भव्यता और प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्था को लेकर प्रसन्नता व्यक्त किया। उन्होंने सभी सदस्यों सहित ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की।
सावन पूर्णिमा पर पूजा-अर्चना के साथ श्रावणी मेले का भी श्रद्धालु आनंद उठाते दिखे।धाम परिसर और आसपास विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई गई थी। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए झूले सहित कई आकर्षण मेले में लोगों का ध्यान खींच रहे थे। पूजा सामग्री, प्रसाद, खिलौने और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर भी भारी भीड़ देखी गई
। मुरहू के धर्मप्रेमी सत्संगी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि आम्रेश्वर बाबा के दर्शन मात्र से सारे दुःख दूर हो जाते हैं।उनकी पूजा करने से सर्वमनोकामना पूर्ण होती हैं। जिले का यह मंदिर झारखंड का दूसरा वैद्यनाथ धाम है। वैसे तो बाबा की पूजा बारहों मास होती रहती है, लेकिन खासकर श्रावण माह में दूर-दूर से आए भक्तों का हुजूम देखते बनता है। सावन माह में प्रसाद – भंडारे की व्यवस्था भी विभिन्न संस्थानों द्वारा की जाती रही। माह भर के महोत्सव में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टूटी सहित अन्य ने श्रद्धालुओं के बीच बस्त्र वितरण किया। अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के अध्यक्ष तपन घोष ने कहा कि यहां भोलेनाथ बड़े दयालु है,सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। युवा धर्मपरायण ध्रुवेन्द्र भास्कर ने कहा कि आम्रेश्वर बाबा की कृपा को शब्दों में नहीं कहा जा सकता। भक्ति की शक्ति से सुख शांति समृद्धि और अध्यात्मिक उन्नति होती है। मेले में सावन पूर्णिमा पूजा के साथ ही रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाता है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना करती हैं। इस अवसर पर भाई भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं।पूरा जिला भक्तिमय रहता है, और वातावरण सावन की हरियाली के साथ हर्ष-उल्लास में मग्न रहता है।


