हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, देर रात 22 से अधिक भर्ती परीक्षाएं रद्द, छह स्थगित, 17 की होगी CID जांच
रांची : झारखंड में जेपीएससी और जे एसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों के लगातार आंदोलन और परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL की भूमिका पर उठे सवालों के बीच सरकार ने कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी है। कार्मिक विभाग ने 18 अगस्त 2026 की देर रात आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर यह फैसला लिया।
सरकार के अनुसार, 22 से अधिक भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जबकि छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। इसके अलावा पहले आयोजित 17 परीक्षाओं की सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट, आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ और परीक्षा सुधार समिति गठित करने का भी फैसला किया है।
रद्द की गई परीक्षाओं में विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर, मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, सिविल जज जूनियर डिवीजन, सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी जैसी महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, बैकलॉग-2025 और बैकलॉग-2023, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 और छठी सीमित उप समाहर्ता भर्ती परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 और 1932 पदों वाली संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा भी रद्द होने वाली परीक्षाओं की सूची में शामिल है।
वहीं खाद्य विश्लेषक, उप निदेशक अभियोजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री निरीक्षक, बॉयलर निरीक्षक और निदेशक भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित किया गया है।
सरकार के इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होगी। हालांकि सरकार ने जांच और परीक्षा सुधार के जरिए पारदर्शी व्यवस्था कायम करने का दावा किया है। अब अभ्यर्थियों की नजर नई भर्ती प्रक्रिया और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


