फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पर भाजयुमो का भ्रष्टाचार का आरोप, रजिस्ट्रार बोले- एक्ट की जानकारी के बिना लगाए गए आरोप
रांची : झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर भाजपा युवा मोर्चा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने इस मामले में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शशांक राज ने आरोप लगाया कि झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल पूरी तरह “वसूली केंद्र” बन चुका है, जहां फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं से विभिन्न कार्यों के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि नामांकन, सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन, थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा से लेकर इंटर्नशिप तक के लिए कथित तौर पर “रेट चार्ट” तय है।
उन्होंने काउंसिल के कुछ पदाधिकारियों और अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार सह सचिव प्रशांत कुमार पाण्डेय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था पर आरोप लगाने से पहले संबंधित एक्ट और नियमों की जानकारी होना जरूरी है। बिना तथ्य और कानून की जानकारी के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मेसी काउंसिल में न तो एडमिशन की प्रक्रिया होती है और न ही इंटर्नशिप कराई जाती है। काउंसिल के सदस्यों द्वारा ही रजिस्ट्रार का चयन किया जाता है, कोई बाहरी व्यक्ति इस पद पर नहीं आता। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार द्वारा इस जिम्मेदारी पर नियुक्त किया गया है और पूरे मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
रजिस्ट्रार ने कहा कि काउंसिल पर लगाए गए सभी आरोप तथ्यों से परे हैं और संस्था नियमानुसार कार्य कर रही है।



