यादव समाज के सामाजिक उत्थान और राजनीतिक भागीदारी पर जोर, दिसंबर में होगा राष्ट्रीय महासम्मेलन
रांची: धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा हॉल में शनिवार को यदुवंशी महासम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यभर से यादव समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज के मुख्य संरक्षक एवं राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने किया। सम्मेलन में सामाजिक उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और राजनीति में यादव समाज की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर पर माल्यार्पण, आरती और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी नंदन यादव, अध्यक्ष सुरेश राय, श्रमिक नेता गोल्डन यादव, पत्रकार सुनील यादव, सेवानिवृत्त इंजीनियर देवबिहारी यादव, सुधीर गोप, विभाकर यादव, रजनी यादव और चंद्रिका यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैलाश यादव ने कहा कि यादव समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और ऋग्वेद, वेदपुराण तथा गरुण पुराण में यदुवंश का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज अन्याय और अधर्म के खिलाफ संघर्ष की परंपरा का प्रतीक रहा है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को “सृष्टि का सबसे बड़ा वैज्ञानिक” बताते हुए द्वारका को प्राचीन भारत के आधुनिक और समृद्ध साम्राज्य का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि देश में यादव समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद शिक्षा, व्यवसाय और राजनीति में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल सकी है। सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार से ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, डेयरी एवं पशुपालकों को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने तथा भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषाओं को झारखंड की क्षेत्रीय भाषाओं में शामिल करने की मांग उठाई गई।
सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि आगामी 11 जून को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। वहीं 18 दिसंबर को रांची के शहीद मैदान में राष्ट्रीय स्तर पर विराट यदुवंशी महासम्मेलन आयोजित किया



