खूंटी में पेशा कानून पर टकराव, ग्राम प्रधान को नोटिस पर बवाल
खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में PESA कानून को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कर्रा प्रखंड में ग्राम प्रधान को जारी कारण बताओ नोटिस के खिलाफ पारंपरिक पदाधिकारियों ने विरोध जताया है।पूर्व पंचायती राज विभाग की पूर्व निदेशक सह इनकम टैक्स कमिश्नर निशा उरांव के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों और पड़हा राजाओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा और ज्ञापन सौंपा प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि बीडीओ द्वारा जारी नोटिस में न तो किसी धारा का जिक्र है और न ही स्पष्ट आरोप बताए गए हैं, जबकि दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।निशा उरांव ने कहा कि ग्राम प्रधान और पाहन पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का हिस्सा हैं और वे राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह का नोटिस देना ग्राम सभा की स्वायत्तता का उल्लंघन है।उन्होंने यह भी कहा कि PESA कानून के तहत ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।फिलहाल प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है।



