मिट्टी की महक से दिल्ली तक: ‘नैना’ लिखेंगी भागलपुर की नई कृषि गाथा
प्रदीप विद्रोही, भागलपुर: पीरपैंती की प्रगतिशील महिला किसान नैना उपाध्याय को 30 और 31 मार्च को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय किसान कुंभ में भाग लेने का आमंत्रण मिला है। IIT Delhi परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में देशभर के चुनिंदा किसान, वैज्ञानिक और कृषि उद्यमी जुटेंगे, जहां नैना भागलपुर की अस्मिता और कृषि समृद्धि का प्रतिनिधित्व करेंगी। भागलपुर की महिला किसान नैना अब राष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर है।
नवाचार की रोशनी से बदली खेती की तस्वीर:
सीमित संसाधनों में नवाचार का दीप जलाते हुए नैना ने जैविक गुड़ उत्पादन और बाजारोन्मुख खेती के मॉडल से अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके प्रयोगों ने न केवल उनकी आय में वृद्धि की, बल्कि आसपास के किसानों खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का मार्ग भी प्रशस्त किया। यही वजह है कि उन्हें इस राष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला है।
भागलपुर की पहचान को मिलेगा राष्ट्रीय मंच:
किसान कुंभ में नैना भागलपुर की विशेष कृषि विरासत जर्दालू आम, कतरनी धान, मखाना, जैविक गुड़ और रेशम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगी। इन उत्पादों की गुणवत्ता, उनकी विशिष्टता और बाजार संभावनाओं को वे विस्तार से सामने रखेंगी।
महिला सशक्तीकरण की जीवंत मिसाल:
नैना केवल एक किसान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की सशक्त प्रतीक बन चुकी हैं। वे भागलपुर जिले का नेतृत्व करते हुए 10 महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जा रही हैं। उनका यह प्रयास समूह आधारित कृषि उद्यमिता को नई दिशा देगा और गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करेगा।
अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के तहत आयोजित यह दो दिवसीय किसान कुंभ सतत कृषि, तकनीकी समावेशन और आय वृद्धि पर केंद्रित है। इसमें प्रशिक्षण सत्र, पैनल चर्चा, नवाचार प्रदर्शनी और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध होंगे। देश-विदेश से लगभग तीन हजार नवाचारी महिला किसानों और विशेषज्ञों की भागीदारी इसे विचार-विनिमय के साथ-साथ बदलाव का सशक्त मंच बनाएगी। नैना की यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भागलपुर की मिट्टी की वह गूंज है, जो अब राष्ट्रीय मंच पर सुनाई देगी।



