खूंटी में दो-दो झामुमो विधायक और मजबूत संगठन के बावजूद नप चुनाव में हार, भाजपा की शानदार वापसी

खूंटी: लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद सुस्त पड़ी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खूंटी नगर पंचायत चुनाव में दमदार वापसी करते हुए अध्यक्ष पद पर शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी ने झामुमो और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की, जिससे जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के अंतिम परिणामों के अनुसार रानी टूटी को 9177 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित मनोनीत बोदरा को 5298 मत प्राप्त हुए। वहीं झामुमो समर्थित प्रत्याशी सोनम बागे 2476 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस जीत के साथ भाजपा ने खूंटी नगर की सत्ता पर कब्जा जमा लिया।
गौरतलब है कि खूंटी जिले में झामुमो के दो विधायक होने के साथ-साथ पार्टी का जिला संगठन भी मजबूत माना जाता है। इसके अलावा क्षेत्र के सांसद कांग्रेस पार्टी से हैं। बावजूद इसके नगर पंचायत चुनाव में झामुमो और कांग्रेस को निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने क्षेत्र में सक्रिय प्रचार अभियान चलाया। वहीं झामुमो की ओर से खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा और तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने जोरदार प्रयास किए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सांसद कालीचरण मुंडा भी लगातार प्रचार में जुटे रहे। इसके बावजूद चुनावी नतीजे भाजपा के पक्ष में गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत से खूंटी में भाजपा संगठन को नई ऊर्जा मिली है और आने वाले चुनावों में पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि 2029 तक भाजपा यहां लोकसभा और विधानसभा दोनों सीटों पर मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।

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