झारखंड कांग्रेस के पांच विधायक दिल्ली में, प्रदेश प्रभारी रांची में,कुछ तो गड़बड़ है…
गणादेश,रांची : झारखंड में खरमास समाप्त होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज होती नजर आ रही है। लंबे समय से जिस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा थी, वह अब सच की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। पिछले पांच दिनों से झारखंड कांग्रेस के पांच विधायक राजधानी दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं और पार्टी आलाकमान के समक्ष अपनी बात बेझिझक रख रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू राज्य में ही मौजूद हैं। ऐसे में विधायकों का लगातार दिल्ली में बने रहना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। खरमास समाप्त होने के साथ ही शुभ समय की चर्चा के बीच इन गतिविधियों ने अटकलों को और तेज कर दिया है।
दिल्ली में मौजूद कांग्रेस विधायकों में राजेश कच्छप, सोनाराम सिंकु, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी और सुरेश बैठा शामिल हैं। इन सभी विधायकों ने कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि इस दौरान संगठनात्मक मसलों के साथ-साथ मंत्री पद और बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इन विधायकों ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर आलाकमान के समक्ष अपनी राय रखी है। चर्चा है कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के स्थान पर अन्य विधायकों को अवसर देने की मांग की गई है।विधायकों का तर्क है कि वित्त मंत्री चुनाव के समय दूसरी पार्टी से कांग्रेस में आए और पार्टी की टिकट पर जीतकर मंत्री बन गए। वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मंत्री पद पर हैं, जबकि उनके पिता पार्टी संगठन में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री के कार्यों को लेकर संगठन और सरकार के भीतर पहले से असंतोष की बात सामने आती रही है।
विधायकों का मानना है कि यदि कांग्रेस पार्टी मंत्रिमंडल में आंशिक फेरबदल करती है तो इससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा।इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिलहाल विदेश दौरे पर हैं। उनके स्वदेश लौटने के बाद झारखंड की राजनीति में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। राजनीति संभावनाओं का खेल है और झारखंड में इन दिनों कुछ भी संभव नजर आ रहा है।



