केराली स्कूल में दो दिवसीय केरल फेस्ट संपन्न, राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया समापन समारोह को संबोधित
ईश्वर का अपना देश’ कहलाने वाला केरल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है: राज्यपाल
गणादेश,रांची : राजधानी रांची के धुर्वा सेक्टर-2 स्थित केराली स्कूल परिसर में मलयाली एसोसिएशन, रांची द्वारा आयोजित दो दिवसीय केरल फेस्ट का रविवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा पारंपरिक थालापोली और चेंडा मेलम की मनोहारी प्रस्तुति के साथ राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि केरल केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि ज्ञान, दर्शन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की समृद्ध भूमि है। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है जहाँ जगतगुरु आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ, जिन्होंने संपूर्ण भारत को आध्यात्मिक चेतना के एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। राज्यपाल ने कहा कि भले ही भौगोलिक सीमाएँ अलग हों, लेकिन हमारी संस्कृति, परंपराएँ और आत्मा एक हैं। ‘ईश्वर का अपना देश’ कहलाने वाला केरल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और आपसी सौहार्द को भी सशक्त करते हैं।
मलयाली एसोसिएशन, रांची के अध्यक्ष सजी नायर ने कहा कि केरल फेस्ट का मुख्य उद्देश्य केरल और झारखंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना तथा दोनों राज्यों की परंपराओं और मूल्यों का आदान-प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सांस्कृतिक एकीकरण को बढ़ावा देते हैं और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य रमेश पिल्लई ने कहा कि केरल फेस्ट के माध्यम से रांचीवासियों को केरल की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं को नजदीक से जानने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान पुलिकली, कथकली, मोहिनीअट्टम, कलारीपयट्टू सहित विभिन्न पारंपरिक केरल कला रूपों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन सुकुमार नायर ने किया।



