अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के लिएदिशोम गुरु शिबू सोरेन कोचिंग संस्थान का सीएम हेमन्त सोरेन ने किया उद्घाटन
रांची: राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी स्थित कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क कोचिंग संस्थान की शुरुआत की गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन कोचिंग संस्थान का विधिवत उद्घाटन किया। इससे पूर्व उन्होंने परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह संस्थान आने वाली पीढ़ी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। गुरुजी की स्मृति में किया गया यह प्रयास आदिवासी बच्चों को बेहतर भविष्य और शिक्षा की ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेजा जा रहा है। वहीं रिम्स में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कोई भी छात्र अपने लक्ष्य से वंचित न रहे, इसके लिए गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को 15 लाख रुपये तक का क्रेडिट उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में पुस्तकालय खोले गए हैं। साथ ही उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपनी संस्कृति के संरक्षण और विकास पर भी जोर दिया।
कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा ने स्वागत भाषण में कहा कि यह विभाग के लिए गर्व का दिन है। उन्होंने बताया कि आदिवासी एवं अल्पसंख्यक बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। पीपीपी मोड के तहत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कोटा के मोशन कोचिंग संस्थान के साथ टाई-अप किया गया है। पहले चरण में नीट और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए एक वर्षीय कोर्स शुरू किया गया है, जिसमें 300 विद्यार्थियों की क्षमता है। भविष्य में 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी यहां शुरू की जाएगी।
मोशन कोचिंग संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट शिवप्रकाश विजय ने कहा कि सघन चयन प्रक्रिया के बाद इस संस्थान की शुरुआत की गई है। यहां विद्यार्थियों को वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो कोटा में मिलती हैं। कोटा के सभी शैक्षणिक मानकों को यहां लागू किया गया है, ताकि राज्य के बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
अनुसूचित जनजाति मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भी यही सोच थी कि आदिवासी समाज शिक्षित होकर आगे बढ़े।
यह संस्थान झारखंड में अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल है। पहले सत्र में राज्य के विभिन्न शिक्षा बोर्डों से चयनित 300 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। संस्थान का संचालन कल्याण विभाग की देखरेख में किया जाएगा। परिसर में तीन छात्रावास भी हैं, जिससे विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों को निःशुल्क अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। चूंकि यह पहला सत्र है और नामांकन प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ है, इसलिए अतिरिक्त कक्षाओं का भी आयोजन किया जा सकता है।
कल्याण विभाग ने यह भी घोषणा की है कि अगले शैक्षणिक सत्र से अनुसूचित जाति (एससी) और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए भी इसी प्रकार की कोचिंग शुरू की जाएगी। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



