भागलपुर में सियासी तापमान चरम पर, पीएम मोदी छः नवंबर को भरेंगे चुनावी हुंकार
भागलपुर। बिहार के दूसरे चरण के चुनाव से पहले अंग की धरती पर सियासत अपने चरम पर है। अब सबकी निगाहें छः नवंबर पर टिक गई हैं, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भागलपुर में चुनावी बिगुल फूंकने आ रहे हैं। उनके आगमन से न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश है, बल्कि एनडीए के खेमे में भी नई जान सी आ गई है। इस बार की मोदी सभा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भागलपुर सदर सीट पर भाजपा की ‘नाक’ बचाने और कमल खिलाने की मुहिम मानी जा रही है। पिछले तीन चुनावों से यह सीट भाजपा के हाथ से फिसलती रही है और अब पूरा संगठन इसे ‘प्रेस्टिज बैटल’ के रूप में देख रहा है।
तीन पर पिछली बार भाजपा का कब्ज़ा
भागलपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से भाजपा ने पिछली बार पीरपैंती, कहलगांव और बिहपुर पर कब्ज़ा जमाया था, जबकि भागलपुर सदर सीट पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस बार सीट शेयरिंग में कहलगांव जेडीयू के खाते में जाने के बाद समीकरण बदल चुके हैं। ऐसे में पीएम मोदी की सभा का केंद्र भागलपुर ही रहेगा ताकि कार्यकर्ताओं में जीत का आत्मविश्वास भरा जा सके।
मैदान से संदेश – “तैयारी पूरी है”
भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार साह ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री की सभा भागलपुर हवाई अड्डा मैदान में होगी। वहां मंच निर्माण से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की रूपरेखा तय कर ली गई है। बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने खुद मैदान का निरीक्षण किया और तैयारियों की बारीकियों का जायजा लिया।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा
प्रधानमंत्री की सभा से पहले ही भाजपा ने भागलपुर को मिनी दिल्ली बना दिया है। देश के विभिन्न राज्यों से आए मंत्री स्थानीय नेताओं के संग तारतम्य बिठाकर चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। रैलियों, नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए माहौल को मोदीमय करने की कोशिशें तेज़ हैं।
रणनीति स्पष्ट, अंग से उठेगी जीत की लहर
दूसरे चरण की जंग में भाजपा ने भागलपुर को अपनी रणनीति का केंद्रीय मोर्चा बना लिया है। पार्टी का मानना है कि मोदी की सभा से न सिर्फ स्थानीय उम्मीदवारों को बल मिलेगा, बल्कि आस-पास के जिलों में भी एनडीए की हवा तेज़ होगी। भाजपा नेताओं का कहना है कि “प्रधानमंत्री की सभा अंग क्षेत्र में जनसमर्थन की लहर को नई दिशा देगी।”
उधर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है। छः नवंबर को भागलपुर का हवाई अड्डा मैदान न सिर्फ भीड़ से गूंजेगा, बल्कि यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मोदी की यह सभा अंग प्रदेश में एनडीए के लिए जीत की डोर थाम पाएगी या नहीं।



