शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा पहुंची भागलपुर,राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी प्रतिमा का अनावरण
भागलपुर। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में ऐतिहासिक क्षण की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा विश्वविद्यालय परिसर में पहुंच गई। कांस्य (ब्रॉन्ज) से बनी लगभग 800 किलो वजनी इस प्रतिमा को विशेष क्रेन के माध्यम से उतारा गया। यह प्रतिमा करीब आठ फीट ऊंची है और इसे राजस्थान के जयपुर स्थित सुतार परिवार ने गढ़ा है।
प्रतिमा का अनावरण भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को औपचारिक आमंत्रण भेजा जा चुका है। इसके साथ ही दिल्ली स्थित राष्ट्रपति कार्यालय से जुलाई महीने की संभावित तिथियों की जानकारी मांगी गई है। टीएमबीयू ने जुलाई की तीन तिथियों का प्रस्ताव भेजा है, जिनमें से किसी एक दिन राष्ट्रपति के आगमन की संभावना है।
प्रतिमा को विश्वविद्यालय के तिलकामांझी पार्क में स्थापित किया जाएगा, जिसे आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। प्रतिमा को पेडेस्टल (चबूतरे) पर स्थापित करने के बाद इसकी कुल ऊंचाई लगभग 18 फीट हो जाएगी। पार्क में एमपी थिएटर का निर्माण भी प्रगति पर है। इन कार्यों में जन सहयोग के साथ-साथ एनटीपीसी, कहलगांव से भी आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। परियोजना का कुल बजट करीब एक करोड़ रुपये है।
यूजीसी और भारत सरकार भी कर रहे हैं निगरानी :
राष्ट्रपति के संभावित दौरे को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और भारत सरकार ने विश्वविद्यालय से उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रमुख उपलब्धियों और शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
स्मारिका का होगा प्रकाशन, तिलकामांझी पीठ की स्थापना की योजना :
इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा शहीद तिलकामांझी की स्मृति में एक विशेष स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी। यह क्षण न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि सम्पूर्ण अंग क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 32 वर्षों बाद टीएमबीयू अपने नामकरण को सार्थक करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। इसके साथ ही ‘तिलकामांझी पीठ’ की स्थापना की योजना भी प्रस्तावित की गई है, जिससे क्षेत्रीय इतिहास और शोध को नई दिशा मिल सकेगी।



