छठ: जिले में 270 घाटों की तैयारी, शहर के 60 घाटों पर निगम का फोकस, 14 नवंबर बोर्डर लाइन
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। भागलपुर जिले में इस साल छठ के लिए 270 घाट तैयार किए गए हैं। भागलपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, नवगछिया, पीरपैंती में स्थानीय अधिकारियों को छठ घाट को दुरुस्त करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। वहीं नगर निगम ने अपने शहरी क्षेत्र के 60 घाटों पर सफाई और सुविधाओं की विशेष कार्ययोजना बनाई है।लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर भागलपुर में नगर निगम ने अब तक की बड़ी सफाई और व्यवस्था मुहिम शुरू कर दी है। गंगा किनारे छठ व्रतियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल देने के लिए निगम ने 60 घाटों पर 3115 मजदूरों की तैनाती की कार्ययोजना बनाई है। घाटों की सूरत बदलने के लिए सिर्फ मजदूर ही नहीं, बल्कि मशीनों और निर्माण सामग्री का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। कहीं गंगा की गाद निकाली जाएगी तो कहीं दलदल को बालू और पुआल से भरकर जमीन समतल की जाएगी।

नगर आयुक्त की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, घाटों की सफाई और निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र को आठ जोन में बांटा गया है। इस अभियान में 2074 ट्रेलर बालू, 1450 किलो चूना, 750 किलो ब्लीचिंग पाउडर और 306 बोरा पुआल एवं कसाल की व्यवस्था की गई है। दलदली और फिसलन वाले हिस्सों को दुरुस्त करने के साथ घाटों पर चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी होगा।
भीड़ और नदी की स्थिति को देखते हुए चंपापुल, बूढ़ानाथ, मुशहरी, बरारी लंच, गंगा ब्रिज, आदमपुर, एसएम कॉलेज और सीढ़ी घाट को विशेष निगरानी में रखा गया है। इन घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ लाल कपड़ा लगाकर खतरे का निशान बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी की ओर न बढ़ें।
महिलाओं की सुविधा के लिए अस्थायी वस्त्र बदलने के घर बनाए जाएंगे। घाटों और वहां तक पहुंचने वाले संपर्क रास्तों पर खराब एलईडी, सीएफएल और वेपर लाइट की मरम्मत की जिम्मेदारी रोशनी शाखा को दी गई है।
मजदूरों की तैनाती भी घाटों की जरूरत और काम के दायरे के हिसाब से की गई है। बूढ़ानाथ घाट पर 250, गंगा ब्रिज घाट पर 200, मुशहरी और आदमपुर घाट पर 105-105 तथा बरारी लंच घाट पर 100 मजदूर लगाए जाएंगे। बरारी पुल घाट पर 25 मजदूरों के साथ मिनी पोकलेन से दिन-रात गाद निकालने का काम चल रहा है।नगर आयुक्त ने सभी जोनल प्रभारियों को 14 नवंबर तक नगर निगम क्षेत्र के सभी घाटों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य दिया है। सिर्फ नदी किनारे ही नहीं, बल्कि घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों और गलियों से भी कचरा हटाने का निर्देश है।


