उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वन हेल्थ समिति की हुई बैठक
खूंटी: समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मो० जावेद हुसैन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वन हेल्थ समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन हेल्थ की अवधारणा के प्रभावी क्रियान्वयन, मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के बीच आपसी संबंधों तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वन हेल्थ समिति के उद्देश्यों एवं कार्यों की जानकारी दी गई। मानव, पशु एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़ा मानते हुए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों की समय पर पहचान, निगरानी, रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, संभावित संक्रमण की समय रहते पहचान तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस अर्थात एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक एवं अनुचित उपयोग के कारण दवाओं के प्रति बढ़ते प्रतिरोध की समस्या पर नियंत्रण, सुरक्षित खाद्य एवं पेयजल, स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, पशुपालन, वन एवं पर्यावरण सहित संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि वन हेल्थ की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी एवं आपसी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिला स्तर पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया, ताकि स्वास्थ्य एवं पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं तथा संभावित जोखिमों को समय रहते चिह्नित किया जा सके और उन पर जिला स्तर से आवश्यक एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों से प्राप्त रिपोर्ट एवं सूचनाओं के आधार पर समस्याओं का आकलन कर उनके समाधान की दिशा में समन्वित पहल की जाएगी।
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने विभागों के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य संबंधी संभावित खतरों की समय पर पहचान कर रोकथाम के उपाय करने का निर्देश दिया।
बैठक में सिविल सर्जन, आयुष चिकित्सक, वन प्रमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी समेत समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



