मुरहू सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, उप प्रमुख अरुण साबू ने चिकित्सकों की पदस्थापना की मांग की
खूंटी: मुरहू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है। अस्पताल में स्वीकृत/पंजीकृत पांच डॉक्टरों में से दो डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं, जबकि एक डॉक्टर अपना स्थानांतरण करा चुके हैं। वर्तमान में मात्र दो डॉक्टरों के भरोसे पूरे प्रखंड के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
चिकित्सकों की कमी का असर अस्पताल के शिफ्ट और रोस्टर के अनुसार संचालन पर भी पड़ रहा है। पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित करने में कठिनाई हो रही है और इसका सीधा प्रभाव मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है।
मुरहू के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जब अस्पताल में नियमित ओपीडी चलाने के लिए पर्याप्त एमबीबीएस डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हैं, तो केवल डेंटल डॉक्टर और आयुष चिकित्सकों के भरोसे ओपीडी का संचालन करना उचित व्यवस्था नहीं हो सकती।
उन्होंने बताया कि आयुष चिकित्सकों में कुछ डॉक्टरों का स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए रोस्टर निर्धारित है। ऐसे चिकित्सकों को अस्पताल की ओपीडी में लगाने से एक ओर अस्पताल की आवश्यकता पूरी करने का प्रयास किया जाता है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच भी प्रभावित होती है।
उप प्रमुख अरुण साबू ने कहा कि मुरहू स्वास्थ्य केंद्र में संसाधनों और सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्र को ऑनलाइन सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य हो रहा है। ऐसे समय में चिकित्सकों की कमी स्वास्थ्य केंद्र की उपयोगिता और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में बड़ी बाधा बन रही है।
उन्होंने जिला उपायुक्त, खूंटी तथा सिविल सर्जन से मांग की है कि मुरहू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कम से कम दो अतिरिक्त एमबीबीएस डॉक्टर और और ऑनलाइन संचालन के लिए स्टाफ की व्यवस्था की जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की मजबूरी कम हो।
अरुण साबू ने कहा कि वर्तमान में मुरहू सीएचसी में डेंटल, नेत्र एवं अल्ट्रासाउंड जैसी सेवाओं के लिए आवश्यक विशेषज्ञता की कमी है। डेंटल डॉक्टर से ओपीडी सेवा लेने से डेंटल का कार्य प्रभवित है । ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इन सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से मुरहू स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं। अब चिकित्सकों की कमी को दूर करना जरूरी है, ताकि अस्पताल का संचालन निर्धारित रोस्टर के अनुसार सुचारु रूप से हो सके और मुरहू प्रखंड की जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके।
उप प्रमुख ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि चिकित्सकों की कमी को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि अस्पताल में उपलब्ध संसाधन और स्वास्थ्य सुविधाएं डॉक्टरों की कमी के कारण प्रभावित न हों।


