“मतदान है हमारा अधिकार” – जीविका दीदियों की रैली में गूंजा लोकतंत्र का स्वर
प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। “ना डरेंगे, ना थकेंगे, वोट ज़रूर करेंगे!” कुछ ऐसे ही जोशीले नारों के साथ मंगलवार को भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड के अग्नि पंचायत में जीविका दीदियों ने लोकतंत्र को मजबूत करने का बीड़ा उठाया। विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र निकाली गई इस जागरूकता रैली ने ना सिर्फ ग्रामीण अंचलों को जगाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अब गांव की महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र की भागीदार भी हैं।
रैली का आयोजन अग्नि जीविका महिला ग्राम संगठन की अगुवाई में हुआ, जिसमें रंग-बिरंगे पोस्टर, नारों और उत्साह से लबरेज दीदियों ने भाग लिया। हर महिला के चेहरे पर अपने कर्तव्य को निभाने का संकल्प था और हाथों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता का संदेश।
रैली से संकल्प सभा तक – हर कदम पर संकल्प
रैली के बाद आयोजित संकल्प सभा में एक स्वर में सभी महिलाओं ने 11 नवंबर को मतदान में भाग लेने की शपथ ली। उन्होंने न सिर्फ स्वयं मतदान का प्रण लिया, बल्कि यह भी संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, पड़ोस और समाज के हर योग्य मतदाता को भी प्रेरित करेंगी कि वे घर से निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
SWEEP कार्यक्रम के तहत जागरूकता का अभियान
यह पूरी पहल सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम (SVEEP) के अंतर्गत की गई, जिसमें जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। गांव-गांव जाकर वे मतदाता सूची के महत्व, वोट देने की प्रक्रिया और मतदान की ताकत के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं।
गांव की गलियों से उठी लोकतंत्र की आवाज़
रैली सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक जन-आंदोलन जैसा प्रतीत हो रहा था। छोटी-छोटी गलियों से लेकर पंचायत भवन तक नारों की गूंज सुनाई दी – “पहले मतदान, फिर जलपान, बूढ़े हों या जवान, सब करें मतदान!”
महिलाएं बनीं बदलाव की अग्रदूत
इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें महिलाएं अग्रणी भूमिका में रहीं। कभी परदे के पीछे रहने वाली ये दीदियां आज समाज को दिशा देने का कार्य कर रही हैं। वे अब सिर्फ अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए जागरूक हो चुकी हैं।

