गंगा स्नान के दौरान डूबे दो नाबालिग, मौत

भागलपुर। सावन की पहली सोमवारी को गंगा स्नान करने पहुंचे दो नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा नवगछिया अनुमंडल के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर थाना क्षेत्र के मथुरापुर जहाज घाट पर सोमवार दोपहर हुआ। डूबे दोनों बच्चों के शव करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद गंगा नदी से निकाले गए।

मृतकों की पहचान मो. खुर्शीद आलम के 12 वर्षीय पुत्र अरमान और मो. निसार के 13 वर्षीय पुत्र दिलशाद के रूप में की गई है। अरमान मधेपुरा जिले का रहने वाला था और हाल ही में अपने नाना के घर फलौत, मधूरापुर आया हुआ था। वहीं, दिलशाद मधूरापुर पछियारी टोला, वार्ड संख्या 2 का निवासी था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया—गहरे पानी में चले गए थे बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बच्चे गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए। साथ में मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोग उन्हें खोजने में जुट गए। लगभग आधे घंटे की खोजबीन के बाद दोनों के शव निकाले गए और नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे मौजूद, परिजनों का आरोप

घटना के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति से उनका गुस्सा फूट पड़ा। अरमान के पिता मो. खुर्शीद आलम ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अफसार आलम समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे। उनके अनुसार, डॉक्टर करीब 30 मिनट की देरी से आए, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं हो सका।

परिजनों का कहना है कि यदि डॉक्टर समय पर होते, तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी। इस लापरवाही को लेकर नाराज़ परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी

भवानीपुर थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

शोक की लहर, परिवार में मचा कोहराम

इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक अरमान तीन बहनों में इकलौता भाई था, जबकि दिलशाद भी अपने माता-पिता का बड़ा बेटा था। दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम किए जाने की मांग की है।

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