पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला, चार जवान घायल, अपहरण की सूचना पर गई थी टीम
भागलपुर। सिविल ड्रेस, निजी वाहन पर सवार पीरपैंती थाना क्षेत्र के लकड़ाकोल गांव में शुक्रवार देर रात अपहरण की सूचना पर छापेमारी करने गई कहलगांव पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने थानेदार समेत टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। हमले में एक सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यहां सवाल उठता है कि अपहरण जैसे संवेदनशील मामले की जांच में पुलिसकर्मियों ने सिविल ड्रेस, प्राइवेट गाड़ी जैसे जोखिमपूर्ण तरीकों का सहारा क्यों लिया। ग्रामीणों के अनुसार, अपहरण की घटना बेबुनियाद थी।
बताया गया कि लकड़ाकोल निवासी राजेश यादव की हाइवा कुछ वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी, जिसे दो दिन पहले उसके मालिक ने सबौर में पकड़ लिया। बाद में वह वाहन को लकड़ाकोल गांव लेकर आ गया। इस बीच वाहन चालक विजय भगत से हाइवा की कीमत देने के बदले वाहन छोड़ने की बात तय हुई। विजय भगत अपने परिजनों से रुपये लेने गया और वहीं से कथित अपहरण की बात कह दी। इसकी सूचना मिलते ही विजय के परिजनों ने सन्हौला थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस टीम सिविल ड्रेस में प्राइवेट गाड़ी से गांव पहुंची थी। ग्रामीणों ने उन्हें अपराधी समझकर पथराव और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस की ओर से कथित रूप से फायरिंग भी की गई। मौके से पांच खोखे बरामद हुए हैं।
घायल पुलिसकर्मियों को एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें भागलपुर रेफर कर दिया गया। सब-इंस्पेक्टर देवगुरु की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस की दूसरी टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने एनटीपीसी थानाध्यक्ष समेत अन्य कर्मियों को भी पीट दिया। पुलिस किसी तरह जान बचाकर वहां से भागी। इसीु बीच विजय भगत भी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से कॉल की गई थी, उसका लोकेशन लकड़ाकोल में मिला। सूचना मिलते ही एसडीपीओ कल्याण आनंद के नेतृत्व में कहलगांव, एनटीपीसी और सन्हौला थानों की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस परिजनों को साथ लेकर लकड़ाकोल पहुंची। जैसे ही टीम गांव में पहुंची, ग्रामीणों ने पुलिस पर अचानक हमला कर दिया। पथराव भी किया गया, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
कहलगांव एसडीपीओ कल्याण आनंद ने बताया कि पुलिस ने अपहृत विजय भगत को सकुशल बरामद कर लिया है। इस अपहरण कांड का मुख्य आरोपी राजेश यादव मौके से फरार है। पुलिस ने 10-12 लोगों की पहचान कर ली है, जबकि हमले में शामिल 40-50 अन्य लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।



