छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन

रांची : संतोष कॉलेज ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग एंड एजुकेशन के आईक्यूएसी सेल द्वारा आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का विषय “ट्रांसफॉर्मिंग टीचर एजुकेशन थ्रू डिजिटल इनोवेशन” था।*
कार्यक्रम के अंतिम दिन “झारखंड के ट्राइबल रीजन में नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग और नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स फॉर टीचर्स को प्रभावी तरीके से लागू करने की स्ट्रैटेजी” विषय पर फैकल्टी मेंबर्स को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण* दिया गया तथा विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया गया।
विषय प्रवेश एवं स्वागत अभिभाषण महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शुभ्रा ठाकुर ने दिया।
इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजकुमार शर्मा रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। अपने विशेषज्ञ सत्र में उन्होंने नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग और नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स फॉर टीचर्स की अवधारणा एवं शिक्षक शिक्षा में उनकी प्रासंगिकता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग का उद्देश्य शिक्षकों के बीच प्रभावी मेंटरिंग व्यवस्था विकसित करना, अनुभव एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास को मजबूत करना है। उन्होंने मेंटरिंग को केवल मार्गदर्शन तक सीमित न रखते हुए सहयोग, आत्म-चिंतन आधारित अभ्यास तथा निरंतर व्यावसायिक विकास से जोड़ने पर बल दिया।
उन्होंने नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स फॉर टीचर्स के संदर्भ में बताया कि यह शिक्षकों के लिए आवश्यक व्यावसायिक ज्ञान, कौशल एवं अपेक्षित पेशेवर क्षमताओं को स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से शिक्षकों को विभिन्न व्यावसायिक चरणों में अपेक्षित दक्षताओं को समझने, अपने कार्य का आत्म-मूल्यांकन करने तथा निरंतर व्यावसायिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलती है।
उन्होंने विशेष रूप से झारखंड के जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं, भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए मेंटरिंग और शिक्षक व्यावसायिक विकास को अधिक स्थानीय, समावेशी एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
दूसरे विशेषज्ञ सत्र में आईआईटी आईएसएम धनबाद के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग से डॉ. मानस कुमार ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने नेशनल मिशन फॉर मेंटरिंग पोर्टल पर नामांकन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों के लिए व्यावहारिक सत्र का संचालन किया तथा मेंटरिंग संसाधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
संस्थान की डायरेक्टर डॉ. रश्मि ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजक टीम को बधाई दी।
छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के विभिन्न दिनों में झारखंड की जनजातीय भाषाओं में डिजिटल एवं तकनीकी समावेशन, बी.एड. पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली का एकीकरण, ब्लेंडेड लर्निंग एवं डिजिटल पेडागॉजी तथा एआई आधारित शिक्षण, शिक्षण एवं अकादमिक उत्पादकता के लिए चैटजीपीटी एवं प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, शिक्षण-अधिगम एवं मूल्यांकन में जेनरेटिव एआई तथा झारखंड के जनजातीय क्षेत्र में एनएमएम एवं एनपीएसटी के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा फैकल्टी मेंबर्स एवं प्रशिक्षु शिक्षकों को विषयगत जानकारी के साथ व्यावहारिक एवं गतिविधि-आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. अनीता मिश्रा, डॉ. शोभा सिंह, श्वेता कुमारी, खुशबू कुमारी, ललित नारायण प्रसाद, कनक कुमारी, आभास बड़ाइक, गौतम रवानी, मेघा टोप्पो, प्रतिभा लुगुन, कुंदन कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालयों के फैकल्टी मेंबर्स एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *