पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची में अत्याधुनिक 19 बेड का न्यूरो आईसीयू शुरू
रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची ने न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोसर्जिकल मरीजों के लिए अत्याधुनिक 19 बेड वाले न्यूरो इंटेंसिव केयर यूनिट (न्यूरो आईसीयू) की शुरुआत की है।
हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण कुमार, वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजीव शर्मा, एसोसिएट न्यूरोसर्जन डॉ. सुमित अरोड़ा तथा वरिष्ठ न्यूरो एनेस्थेटिस्ट एवं न्यूरो क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. विशाल कंधवे ने बताया कि यह 19 बेड वाला विशेष न्यूरो आईसीयू न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोसर्जिकल मरीजों को चौबीसों घंटे साक्ष्य-आधारित क्रिटिकल केयर सेवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह यूनिट स्ट्रोक, ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी, ब्रेन ट्यूमर, इंट्राक्रैनियल हेमरेज, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, मिर्गी, न्यूरोमस्कुलर विकारों और जटिल न्यूरोसर्जरी के बाद की देखभाल जैसे गंभीर मामलों के उपचार के लिए विशेष रूप से विकसित की गई है।
नवस्थापित न्यूरो आईसीयू में अत्याधुनिक तकनीक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों की त्वरित जांच, सतत निगरानी और बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
न्यूरो आईसीयू में एडवांस मल्टीपैरामीटर मॉनिटरिंग से युक्त समर्पित बेड, इनवेसिव एवं नॉन-इनवेसिव रेस्पिरेटरी सपोर्ट के साथ मैकेनिकल वेंटिलेशन, आर्टेरियल एवं सेंट्रल वेनस प्रेशर मॉनिटरिंग सहित निरंतर हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग,
चयनित न्यूरोसर्जिकल मरीजों के लिए इंट्राक्रैनियल प्रेशर मॉनिटरिंग, हाई-फ्लो नेजल ऑक्सीजन एवं उन्नत एयरवे मैनेजमेंट सुविधाएं आदि उपलब्ध है। इसके अलावा पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड और बेडसाइड डायग्नोस्टिक सपोर्ट, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोसर्जरी, क्रिटिकल केयर और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की 24×7 उपलब्धता एवं
दौरे (सीजर) की पहचान और उपचार के लिए ईईजी मॉनिटरिंग भी होगा। साथ ही बेडसाइड ब्रोंकोस्कोपी, ट्रेकियोस्टॉमी केयर और उन्नत क्रिटिकल केयर प्रक्रियाएं और संक्रमण नियंत्रण के लिए आईसीयू गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन होगा।
प्रारंभिक पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन), पोषण सहायता, फिजियोथेरेपी और बहु-विषयक उपचार व्यवस्था है।
हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ नीतेश कुमार ने कहा कि हॉस्पिटल में न्यूरो आईसीयू में प्रशिक्षित इंटेंसिविस्ट, न्यूरोएनेस्थेटिस्ट, न्यूरोसर्जन, क्रिटिकल केयर नर्स, फिजियोथेरेपिस्ट और क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट की विशेषज्ञ टीम कार्यरत रहेगी, जो मरीजों को व्यक्तिगत, समर्पित और संवेदनशील चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी। इस नई सुविधा के शुरू होने से झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर न्यूरोलॉजिकल मरीजों को अब उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा तथा उन्हें रांची में ही विश्वस्तरीय न्यूरो क्रिटिकल केयर सेवाएं उपलब्ध होंगी।


