सिल्ली स्टेडियम 14 वर्षों से अधूरा, राजनीतिक दल के कब्जे के आरोप
रांची : वर्ष 2012 से निर्माणाधीन सिल्ली स्टेडियम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। गैलरी बॉक्स निर्माण के लिए स्वीकृत 3 करोड़ रुपये की राशि का भी पूर्ण उपयोग नहीं हो सका है। नतीजतन गैलरी बॉक्स, मंच, उसके पीछे का भवन और चारदीवारी का काम अधर में लटका हुआ है। करीब 14 साल बीत जाने के बाद भी यह राशि कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, रांची के पास पड़ी हुई है।
स्टेडियम परिसर में राज्य सरकार द्वारा बालक/बालिका के लिए स्वीकृत डे-बोर्डिंग फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र संचालित होना था, लेकिन अब तक स्टेडियम प्रबंधक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके बजाय कमांडो मैनपावर एजेंसी द्वारा नौ सिक्योरिटी गार्ड और तीन सफाईकर्मी रखे गए हैं, जिन पर एक राजनीतिक दल से जुड़े होने का आरोप है।
वहीं, यहां संचालित सरकारी आर्चरी सेंटर के दो कोच – प्रकाश राम और शिशिर महतो – पर भी आरोप है कि वे सरकारी दायित्व निभाने के बजाय बिरसा आर्चरी अकादमी में समय देते हैं। ये दोनों भी कथित तौर पर एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिल्ली स्टेडियम, जो कि झारखंड सरकार की संपत्ति है और हर झारखंडी का अधिकार है, अब एक राजनीतिक दल की जागीर बन गया है। यहां अकसर राजनीतिक कार्यक्रम होते रहते हैं, जबकि आम जनता और अन्य खेल प्रेमियों को इसका इस्तेमाल करने नहीं दिया जाता।
इस मामले को लेकर विधानसभा में भी प्रश्न उठाया जा चुका है। अब मांग की जा रही है कि सरकार स्वयं जांच कर स्टेडियम के राजनीतिक दुरुपयोग पर रोक लगाए और वर्षों से लंबित निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करे, ताकि यह स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए पूरी तरह से खुल सके।


