सीएम हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से झटका, सशरीर उपस्थित होने की छूट निरस्त
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ईडी समन अवहेलना से जुड़े मामले में दी गई सशरीर उपस्थित होने की छूट को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 2024 को पारित अंतरिम आदेश को खारिज करते हुए साफ कर दिया कि अब सीएम सोरेन को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में स्वयं उपस्थित होना होगा।
जमीन फर्जीवाड़ा मामले में ईडी ने हेमंत सोरेन को कई बार समन जारी किया था, लेकिन वे केवल दो समन पर ही ईडी के सामने पेश हुए। बार-बार अवहेलना के आरोप में ईडी ने रांची सीजेएम कोर्ट में कंप्लेन केस दर्ज कराया था। इसके बाद सीजेएम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 174 के तहत संज्ञान लेते हुए उन्हें कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। इसी आदेश के खिलाफ हेमंत सोरेन ने एमपी/एमएलए की विशेष अदालत से सशरीर उपस्थिति से छूट मांगी थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
विशेष अदालत के फैसले को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां प्रारंभिक तौर पर उन्हें अंतरिम राहत मिल गई थी। परंतु अब हाईकोर्ट ने उस राहत को वापस ले लिया है और साफ कर दिया है कि ट्रायल प्रक्रिया एमपी/एमएलए कोर्ट में बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
गौरतलब है कि जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन की मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तारी भी हुई थी। अब हाईकोर्ट के इस आदेश से उनके लिए कानूनी चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं, क्योंकि आगामी सुनवाइयों में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी अनिवार्य होगी।



