बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बेटा बागी बाप स्टार प्रचारक, भाजपा के कोहिनूर शाहनवाज ग़ायब
भागलपुर। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक एक नई बहस को जन्म दे दिया। इस सूची में अश्विनी चौबे का भी नाम है। इस समय अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शास्वत चौबे भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के घोषित चेहरा रोहित पांडे के खिलाफ चुनावी अखाड़े में ताल ठोकने का ऐलान कर चुके हैं। अर्जित टिकट की दौड़ में सबसे मजबूत चेहरा माना जा रहा था। 2015 में अर्जित भाजपा के टिकट पर भागलपुर सदर सीट से चुनाव लड चुके हैं। कांग्रेस के अजीत शर्मा से हार का मुंह देखना पड़ा था। पाश्चात 2000 में अर्जित का टिकट कट गया और रोहित को प्रत्याशी बना दिया गया।
इस सूची में जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और कई अन्य दिग्गज नेता शामिल हैं, वहीं भाजपा के कभी कोहिनूर रहे तथा भागलपुर के प्रमुख और चर्चित चेहरा – शाहनवाज हुसैन का नाम नदारद रहना सबको चौंका गया। हुसैन कभी भागलपुर का प्रतिनिधित्व यानी सांसद भी रह चुके हैं।
स्टार प्रचारकों की लिस्ट में नाम गायब, लेकिन चर्चा ज़बरदस्त
भाजपा की 40 सदस्यीय सूची जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हुई, भागलपुर सहित पूरे बिहार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। शाहनवाज हुसैन, जो भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और भागलपुर के सांसद रह चुके का नाम ना होना पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के लिए हैरानी का विषय बन गया है।
भागलपुर की सियासत में उठे सवाल
भागलपुर भाजपा के अंदरूनी हलकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या यह लिस्ट मौजूदा टिकट वितरण की रणनीति का संकेत है या फिर नेतृत्व स्तर पर कुछ मतभेदों का नतीजा? वहीं अश्विनी चौबे का नाम इसलिए चर्चा में है कि चौबे के पुत्र अर्जित शास्वत चौबे भागलपुर विधानसभा क्षेत्र में बगावत का झंडा गाड़ दिया है। पार्टी द्वारा घोषित चेहरा रोहित पांडे के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में हुसैन भाजपा के कोहिनूर रह चुके हैं। भागलपुर की पहचान भी हैं और इनका नाम प्रचारकों की सूची में ना होना निश्चित ही असामान्य है।
भाजपा की ओर से जिन 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है, उनमें से प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
गृहमंत्री अमित शाह
जेपी नड्डा
राजनाथ सिंह
योगी आदित्यनाथ
स्मृति ईरानी
गिरिराज सिंह
शिवराज सिंह चौहान
देवेंद्र फडणवीस
हिमंत बिस्वा सरमा
बाबूलाल मरांडी
रवि किशन
मनोज तिवारी
दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’
अश्विनी चौबे
… और अन्य नेता जो विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि स्टार प्रचारकों की सूची महज औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के रणनीतिक संकेत भी होते हैं। किसे प्रचार का जिम्मा दिया गया और किसे नहीं – यह बताता है कि पार्टी नेतृत्व किन चेहरों को सामने लाकर जनता के बीच मैसेज देना चाहती है।



