उपायुक्त  आर. रॉनिटा की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की हुई समीक्षा बैठक

गणादेश,खूंटी: उपायुक्त आर. रॉनिटा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं क्रियान्वित कार्यों की गहन समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभुकों तक सेवाओं की पहुँच और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की गुणवत्ता को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका एवं सहायिका की रिक्तियां, आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती और धात्री महिलाओं को प्रदत्त लाभ, 6 माह से 3 वर्ष एवं 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों के पोषण लाभ, सेविका-सहायिकाओं के कार्य निष्पादन, आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना एवं भवन निर्माण, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना 2025-26, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह, पोषण ट्रैकर, लो बर्थ वेट शिशु की स्थिति, एमटीसी केंद्रों का संचालन, तथा वीएचएसएनडी एवं सीबी दिवस के आयोजन आदि विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने अड़की प्रखंड में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत संतोषजनक आवेदन संख्या प्राप्त नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) एवं अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए उनके कार्य प्रदर्शन में त्वरित सुधार लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पात्र लाभुकों की पहचान कर समय पर आवेदन सुनिश्चित किए जाएं ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुँच सके। उन्होंने लो बर्थ वेट बेबी की संख्या को लेकर चिंता जताते हुए सभी सीडीपीओ, एलएस, एएनएम एवं सेविका-सहायिकाओं को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच समय पर की जाए, तथा गर्भवती और धात्री महिलाओं को दिए जाने वाले सभी लाभ—जैसे आयरन-फोलिक एसिड, पोषण आहार, मातृत्व लाभ आदि—समय पर सुनिश्चित किए जाएं।

उपायुक्त ने वीएचएसएनडी (Village Health Sanitation and Nutrition Day) के आयोजन को प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कहा कि इस दिन गांव स्तर पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण परामर्श तथा जनजागरूकता गतिविधियों का समुचित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगले एक माह के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था हेतु आरओ वॉटर फिल्टर की स्थापना, तथा शौचालय की सुविधा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। प्रतिमाह आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन समर्पित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री आलोक कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती प्रतिभा कुजूर, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, कार्यपालक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता (JE) समेत समाज कल्याण विभाग एवं संबंधित शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं सीधे महिला एवं बच्चों के उत्थान से जुड़ी हैं, अतः सभी पदाधिकारी सक्रिय रहकर योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक लाभुक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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