108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, 15–20 दिनों के सरकारी आश्वासन की समय-सीमा समाप्त; मांगें लंबित रहने पर कर्मचारियों में आक्रोश
रांची: झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (सम्बद्ध – भारतीय मजदूर संघ) के नेतृत्व में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर धुर्वा, राँची में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री नीरज तिवारी ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री श्री सूरज साहू द्वारा किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से रमाशंकर प्रसाद, प्रभारी सह प्रदेश मंत्री, एम्बुलेंस संघ एवं भारतीय मजदूर संघ तथा सुबोध कुमार यादव, जिला मंत्री, राँची जिला उपस्थित रहे।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार एवं संबंधित संस्थाओं को कई बार अवगत कराया गया है, इसके बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने वेतन कटौती, समय पर वेतन भुगतान तथा EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित वैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग की।
संघ ने कहा कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15–20 दिनों के भीतर मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था। समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आज से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।
संघ की प्रमुख मांगें
108 एम्बुलेंस सेवा का सरकारी स्तर पर संचालन प्रारंभ कर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सिविल सर्जन के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिले में पुनः बहाल किया जाए।
सभी कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि इस बार केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन स्थगित नहीं किया जाएगा। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेना होगा।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम
- 06 से 09 अक्टूबर 2026: सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे।
- 09 अक्टूबर 2026: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च।
(समय: शाम 04:00 बजे से 07:00 बजे तक) - 12 अक्टूबर 2026: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम।
(समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक) - 14 अक्टूबर 2026: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन।
(समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक) - 16 अक्टूबर 2026: राज्यभर में एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल तथा NHM कार्यालय, नामकुम, राँची के समक्ष धरना-प्रदर्शन।
(समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक) - 21 अक्टूबर 2026 से: मांगों का समाधान नहीं होने पर राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं चरणबद्ध विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए प्रदेश पदाधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में प्रवास कर कर्मचारियों के साथ समन्वय करेंगे। 21 अक्टूबर के बाद आंदोलन को और व्यापक करते हुए जिला स्तर पर सदर अस्पताल तथा राँची में संबंधित सरकारी कार्यालयों के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा ।
बैठक में मुकेश कुमार, नेहाल कुमार, रविकांत देव, कुणाल बनर्जी, नवीन कुमार, मदन कुमार, ललन चौधरी, रितेश रंजन, रवानी मंडल, कुलदीप कुमार, भीम कुमार, अमरेंद्र कुमार, विपिन कुमार दांगी, विजय यादव सहित अनेक कर्मचारी एवं संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का तत्काल समाधान किया जाए ।


