बाढ़ राहत कार्यों को लेकर ऑनलाइन बैठक, जिलाधिकारी ने एसडीओ को सामुदायिक किचन संचालन की दी छूट
भागलपुर। जिले में बाढ़ राहत कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चल रही राहत गतिविधियों की जानकारी दी।
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार ने बताया कि वर्तमान में 59 सामुदायिक किचन संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 111 नावें बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। अब तक 3705 पॉलिथीन शीट्स बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच वितरित की जा चुकी हैं। साथ ही तटबंधों और सड़कों की स्थिति से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है, हालांकि फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं। कुछ गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, लेकिन जलस्तर में जल्द गिरावट की संभावना है।
जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नाव से भ्रमण करते समय अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनें। उन्होंने तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) से अंचलवार फीडबैक लेते हुए निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, वहां स्वतंत्र रूप से सामुदायिक किचन संचालित किए जाएं।
उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जहां कटाव की स्थिति हो, वहां तत्काल कटे हुए पेड़ और झाड़ डालकर कटाव रोका जाए, ताकि किसी भी घर को क्षति न हो। उन्होंने इसे युद्धस्तर पर कार्यान्वित करने को कहा।
ग्रामीण कार्य विभाग, नवगछिया के अभियंता ने जानकारी दी कि रंगरा के चापड़ क्षेत्र में सड़क की मरम्मत कराई गई है। जिलाधिकारी ने नवगछिया, कहलगांव और भागलपुर के ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे बाढ़ग्रस्त सड़कों की नियमित निगरानी अपने जेई और एई के माध्यम से करते रहें।
बैठक में यह भी बताया गया कि शहरी राहत शिविरों में पशु चारा का वितरण प्रारंभ हो गया है। बैठक में सभी संबंधित अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे।



